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पांचों विधान सभा क्षेत्रों में इस बार सखी बूथ

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चुनाव खर्च निगरानी कार्यालय का जायजा लेने पहुंचे डीएम। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। आधी आबादी को मतदान के लिए जहां तंत्र प्रोत्साहित करने में जुटा है, वहीं, इस बार महिलाओं को मतदान करने के लिए पांचों विधान सभा में पांच सखी यानी पिंक बूथ भी रहेगा। इन बूथों पर महिला सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। सबसे खास बात यह है कि इन बूथों को ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा, जहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हों। 
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चुनाव आयोग ने व्यवस्थागत ढांचे पर भी इस बार पूरी कसरत की है। एक ओर जहां शत-प्रतिशत मतदान के लिए पूरा तंत्र ताकत लगाए हुए है, वहीं, आधी आबादी की सुरक्षा और उनके वोट को अधिक से अधिक पोल कराने की भी व्यवस्था अलग से बनाई गई है। इसके लिए सदर विधान सभा में गांधी कला भवन, हर्रैया में हर्रैया कस्बे में, महादेवा में नगर कस्बे में, कप्तानगंज में कस्बे के अलावा रुधौली कस्बे में पिंक बूथ स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन ने हालांकि स्थल भी चयनित कर रखे हैं और इन बूथों की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां सभी कर्मी महिलाएं होंगी। यहां तक की सुरक्षा में लगाई गई पुलिस फोर्स भी महिला होंगी। 

क्या है सखी बूथ
सखी या पिंक बूथ पर तैनात चुनाव अधिकारी से लेकर सुरक्षा अधिकारी तक सिर्फ महिलाएं होती हैं।
ये बूथ बनाए तो महिलाओं के लिए गए हैं, लेकिन पुरुष भी यहां जाकर वोट डाल सकते हैं।
इन बूथों को बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया कपड़ा, टेबल क्लॉथ, गुब्बारे से लेकर हर कुछ गुलाबी रंग का होता है।
यहां बच्चों के खेलने के लिए भी जगह होती है और वो भी गुलाबी रंग की।

पिंक बूथ बनाने का मकसद
पिंक बूथ को महिला सशक्तीकरण से भी जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, इसका मुख्य मकसद है कि हर महिला और पुरुष को वोट देने का सुखद अनुभव हो। ये उन्हें बूथ तक लेकर आने की पहल है, ताकि चुनावी प्रक्रिया में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी हो सके। कहा जाता है कि इस तरह के बूथ महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हैं। भारत में पहली बार गुलाबी बूथ की शुरुआत पूर्व चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने की थी। साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इसकी पहली बार इस्तेमाल हुआ।
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आधी आबादी को प्रोत्साहित करेगा पिंक बूथ
सीडीओ अरविंद पांडेय व एडीएम रमेश चंद्र ने कहा कि पिंक अथवा सखी बूथ का मकसद महिलाओं को वोट के लिए आकर्षित करना है। यहां सुरक्षा व अन्य सारी सुविधाएं होंगी। यहां मतदाता से लेकर सुरक्षा व मतदान कराने वाले सभी कर्मी महिलाएं होंगी। आधी आबादी की मतदान में अधिकाधिक भागीदारी के लिए इस बार पांच पिंक बूथ सभी पांचों विधान सभा क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे।





13 को समीक्षा करेंगे मुख्य निर्वाचन अधिकारी
बस्ती। लोकसभा चुनाव 2019 की व्यवस्था का जायजा लेने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी 13 अप्रैल को जिले में आ रहे हैं। यहां मंडल के अफसरों से स्वीप गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर ने यह जानकारी दी।
मंडलायुक्त ने बताया है कि निर्वाचन कार्यों की समीक्षा उप्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंक्टेश्वर लू शाम चार बजे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में करेंगे। बस्ती, सिद्धार्थनगर व संतकबीरनगर के जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अपने-अपने जनपद की स्वीप गतिविधियों की जानकारी देंगे। इसमें जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी भाग लेंगे। कार्यक्रम के तत्काल बाद शाम छह बजे से प्रेक्षागृह में ही पत्रकारों से वार्ता भी करेंगे। यह जानकारी अपर आयुक्त प्रशासन वीके दोहरे ने दी है।

चुनाव खर्च निगरानी का डीएम ने लिया जायजा
कलेक्ट्रेट में स्थापित है निगरानी टीमों का दफ्तर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। चुनाव खर्च निगरानी टीमों के कामकाज का बृहस्पतिवार को डीएम डॉ. राजशेखर ने जायजा लिया। इस दौरान ऑडियो-विजुअल टीम, अकाउंटिंग और चुनाव खर्च की निगरानी टीम का कामकाज देखा। 
वीडियो देखने वाली टीमों (वीवीटी), लेखा टीम (एटी), और माइक्रो ऑब्जर्वर (एमओ) के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में नये कार्यालय के लिए जगह आवंटित किया गया है। जिसमें इंटरनेट कनेक्शन युक्त पांच लैपटॉप और अन्य चीजें मुहैया कराई गई हैं। चुनाव प्रचार के लिए दी गई प्रत्येक अनुमति के लिए एक अलग फ़ाइल रखी गई है। इसमें एसडीएम, वीएसटी/एफएसटी टीम रिपोर्ट और वीडियो क्लिप, वीवीटी रिपोर्ट, लेखा टीम रिपोर्ट और प्रत्येक कार्यक्रम या गतिविधि के लिए गणना की गई अंतिम व्यय की अनुमति प्रतिलिपि शामिल हैं। विधान सभावार एक अलग (असेंबली सेगमेंट) रजिस्टर बनाया गया है जिसे प्रतिदिन अपडेट किया जा रहा है। बकौल डीएम चुनाव खर्च पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए एक और अलग से चुनाव प्रचार के लिए वाहनों की अनुमति का ब्योरा दर्ज करने के लिए अलग रजिस्टर रखा गया है। इसमें प्रतिदिन अनुमति और लागत के सभी विवरण अपडेट किए जाते हैं। 
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