जिला अस्पताल में हीमोफीलिया dk इंजेक्शन लगवाने के लिए लाइन में खड़े लोग। संवाद
बस्ती। जिला अस्पताल में हीमोफीलिया उपचार का फैक्टर कांस्ट्रेट इंजेक्शन लगवाने बिहार के रोगी पहुंच रहे। क्योंकि इस इंजेक्शन की बिहार में किल्लत है। इंजेक्शन लगवाने उन्हें गोरखपुर के अलावा बस्ती जिला अस्पताल आना पड़ रहा। क्योंकि यूपी के तीन अस्पतालों में शामिल इस रोग का इंजेक्शन यहां उपलब्ध है। हीमोफीलिया अनुवांशिक रोग है। इसमें रुधिर का धक्का नहीं जमने से खून प्रवाह नहीं रुकता। ऐसे में हीमोफीलिया के ऐसे रोगी जिन्हें कहीं चोट इत्यादि लगे और खून प्रवाह न रुके तो फैक्टर कांस्ट्रेट इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। जिसकी उपलब्धता सीमित अस्पतालों में ही है।
शनिवार को बिहार के बगहां व नरकटियागंज से हीमोफीलिया के रोगी यह इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। जिला अस्पताल के सीएमए डाॅ. खालिद रिजवान अहमद ने बताया कि हीमोफीलिया के उपचार में उपयोग किए जाने वाले इंजेक्शन में फैक्टर कॉन्संट्रेट शामिल हैं। जैसे फैक्टर 8 एएचएफ हीमोफीलिया ए के लिए और फैक्टर 9 हीमोफीलिया बी के लिए। इसके अलावा, हल्के हीमोफीलिया के कुछ मामलों में, डेस्मोप्रेसिन का भी उपयोग किया जता है। यह इंजेक्शन गोरखपुर व बस्ती में ही उपलब्ध जिससे बिहार के मरीज भी इसे लगवाने जिला अस्पताल आते रहते हैं। ब्यूरो