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...तो हरियाली के लिए वीरान हो जाएगा डमरुआ

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ग्रीन जोन में शामिल डमरुआ मोहल्ले में बने मकान। - फोटो : BASTI
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...तो हरियाली के लिए वीरान हो जाएगा डमरुआ
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- एक पखवारा पूर्व ग्रीन जोन की शुरू हुई थी सुगबुगाहट, डुग्गी मुनादी भी हुई
- बीडीए की महायोजना 2031 के दायरे में आ रहे डमरुआ व बड़ेवन के एक हजार आवास
बस्ती। बस्ती विकास प्राधिकरण (बीडीए) की महायोजना 2031 के दायरे में डमरुआ व बड़ेवन के एक हजार मकान आ गए हैं। बीडीए ने डमरुआ और बड़ेवन को हरित पट्टी व यलो जोन में शामिल किया है। ऐसे में महायोजना लागू होने पर इसके दायरे में आने वाले मकान ढहा दिए जाएंगे। फिर खाली कराई गई 390 वर्गमीटर जमीन पर पौधे लगाए जाएंगे।
बीडीए की ओर से अगस्त के शुरुआत में ही महायोजना पर आपत्तियां मांगी जा चुकी हैं। अब अधिकारी महायोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। बीडीए की ओर से डुग्गी मुनादी कराई जा चुकी है। उधर, महायोजना के दायरे में आए लोग सड़कों पर उतर आए हैं। मकान तोड़े जाने की आशंका से भयभीत करीब पांच हजार लोग महायोजना में बदलाव की मांग कर रहे हैं। वे सांसद व डीएम को अपनी समस्या सुना चुके हैं। आश्वासन मिला है, लेकिन ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। संवाद
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जमीन व मकान का मिलेगा उचित मुआवजा
- बस्ती विकास प्राधिकरण के सचिव गुलाब चंद्र ने बताया कि महायोजना को लागू करने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए जिनकी जमीन और मकान का अधिग्रहण किया जाएगा, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजे की रकम पर फिलहाल निर्णय नहीं हुआ है। महायोजना पर लोगों से आपत्ति मांगी गई है। आमजन का हित सर्वोपरि है। बीडीए शहर को व्यवस्थित करने चाहता है। किसी को उजाड़ने की मंशा नहीं है।
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कहीं से उजड़कर दूसरी जगह बसना आसान नहीं
डमरुआ निवासी ज्ञानचंद तिवारी ने कहा कि जिस दिन से डमरुआ को उजाड़े जाने की जानकारी मिली है, भूख और प्यास मर गई है। पूरा परिवार परेशान है। मुआवजा मिल जाने से सारी समस्या दूर नहीं होगी। एक जगह से उजड़कर दूसरी जगह पर बसना आसान नहीं होता। महायोजना नागरिकों के लिए दर्द साबित होगी।
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घर रोज-रोज नहीं बनता
डमरुआ निवासी अब्दुल करीम ने कहा कि 27 साल से यहां रह रहे हैं। अब बीडीए हमारा आशियाना उजाड़ने जा रहा है। घर रोज-रोज नहीं बनाता। जीवन भर की कमाई लग जाती है। बीडीए को महायोजना पर फिर से विचार करना चाहिए।
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महायोजना जमीन छीनने का कुचक्र
डमरुआ निवासी शिवा प्रकाश शुक्ल ने कहा कि बीडीए की मनमानी ने करीब पांच हजार परिवारों को बेचैन कर दिया है। ग्रीन जोन के नाम पर लोगों से उनकी जमीन छीनने का कुचक्र रचा गया है।
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- बीडीए ने चंद रोज पहले डीएम कार्यालय पर नोटिस चस्पा किया था कि डमरुआ को ग्रीन व यलो जोन में शामिल कर लिया गया है। यहां लाउडस्पीकर से इसकी जानकारी दी जा चुकी है।
-अशोक पांडेय, डमरुआ
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