बस्ती। नगर पंचायत नगर बाजार का मतदान के दौरान 84 मतपत्र गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इसमें 48 मत अध्यक्ष और 46 मत सदस्य पद थे। मतगणना के दौरान मतपत्र कम मिलने पर हंगामा हुआ। जांच-पड़ताल में ये मतपत्र मतगणना टेबल के नीचे पाए गए। डीएम के निर्देश पर मतदान कराने वाले पीठासीन अधिकारी और मतदान कर्मी के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि एसडीएम से जांच कराई जा रही है।
इस संबंध में एसडीएम आशुतोष तिवारी व यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता सत्य प्रकाश सिंह ने तहरीर में बताया है कि नगर पंचायत नगर बाजार की अध्यक्ष व सदस्य पद की चार चार टेबल पर मतगणना हो रही थी। टेबल नंबर आठ में वार्ड संख्या छह बूथ नंबर आठ प्राथमिक पाठशाला भैंस बरहा के मतों की गणना में 48 मत अध्यक्ष और 46 मत सदस्य पद के कम पाए गए। जिसकी सदस्य पद प्रत्याशी राम नरेश चौधरी ने आपत्ति की। इस बीच सर्वाधिक 146 मत पाने वाले सदस्य को प्रमाणपत्र निर्गत हो गया और वह गणना केंद्र से जीत की खुशी मनाते हुए चला गया। इधर 33 मतों से चुनाव हार रहे निकटतम प्रतिद्वंद्वी ने इसकी डीएम से शिकायत की तो गायब मतोंं की खोजबीन होने लगी। टेबल के नीचे झाड़ू लगवाने के बाद दो बंडल मिले, जिसमें गायब हुए 46 मत सदस्य और 48 मत अध्यक्ष पद के लिए थे। दोनों बंडल के कुल मत पर कमल चिह्न पर मोहर लगी हुई थी। डीएम ने इसकी जांच एडीएम कमलेश चंद्र वाजपेयी को सौंपी। पाया गया कि मतपत्रों के पीछे पीठासीन अधिकारी राजकुमार विश्वकर्मा के हस्ताक्षर बने हुए हैं, परंतु उनके ऊपर की स्लिप पर मतदाताओं के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान नहीं लिए गए हैं। प्रथम दृष्ट्या यह प्रतीत होता है कि मतदान के समय उक्त मत पत्रों को चुराकर किसी पार्टी विशेष या प्रत्याशी को दे दिया गया था। ऐसे में पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी सत्येंद्र सिंह को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया गया।
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सदस्य पद का बदल जाएगा परिणाम
- गायब हुए इन मतपत्रों के कारण अध्यक्ष पद के परिणाम पर तो कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि उसमें जीत का अंतर 112 है और जिस पार्टी का उम्मीदवार जीता है,गायब मत भी उसी के थे। यानी उसकी जीत का आंकड़ा 160 हो जाएगा। लेकिन सदस्य पद के जीत हार का अंतर सिर्फ 33 मत है,इसलिए उसके परिणाम बदल सकते हैं। जो सदस्य हारा है,उसी का चुनाव चिन्ह लगा 46 मत गायब हुआ था। यानी उसके मतों में 48 जोड़ने पर वह जीत जाएगा और जिसे जीत का प्रमाणपत्र मिल चुका है वह हार जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी प्रियंका निरंजन का कहना है कि विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।