बस्ती। अगर आप चाहते हैं कि बाइक लिफ्टर आपकी बाइक चोरी न कर पाए तो कंपनी के लॉक के भरोसे मत रहिए। बाइक अगर साल दो साल पुरानी हो गई हो तब तो बिल्कुल भी बाइक के लॉक के भरोसे खड़ी करना जोखिम भरा काम है। इसके लिए पहले तो लॉक बदल दीजिए और एक अतिरिक्त ह्वील लाॅक लगाइए।
पिछले छह माह में 40 से ज्यादा बाइक जिले से चोरी हो चुकी हैं। जिनमें ज्यादातर के लॉक पुराने हो गए थे। असल में घिस जाने के बाद लॉक में कोई चाभी लगाने पर वह खुल जाता है। शहर में बाइक चोरी की वारदातें बढ़ी हैं। भीड़ भरे इलाके, बाजार, रेलवे स्टेशन और बैंक परिसर से अक्सर दो दोपहिया वाहन चोर ले जा रहे हैं। गिरोह के सदस्य बाइक पर दूर से नजर रखते हैं। बाइक सवार अपनी गाड़ी से थोड़ी दूर हुए नहीं कि चोर कारनामा दिखाने में समय नहीं लगाता। मास्टर चाबी से या किसी अन्य तरीके से बाइक लेकर चंपत हो जाता है।
पुलिस की जांच में पाया गया है कि चोर उन वाहनों को सबसे ज्यादा चोरी कर रहे हैं, जिनके लॉक पुराने हो गए हैं। यानी जिसकी चाभी घिस चुकी है। ऐसे लॉक कोई भी घिसी-पिटी चाभी या पतली कैंची, तार से भी खुल जाते हैं।
कुछ तो एफआईआर भी कराने थाने नहीं आते
शहर में तीस फीसदी लोग बाइक खरीदते समय ही बीमा कराते हैं। इसके बाद ध्यान नहीं देते। इधर बाइक चालान करते समय भी पुलिस इनसे वास्ता नहीं रखती। केवल पैसे लेकर गाड़ियां छोड़ देती हैं। बाइक मालिक दूसरी बार बीमा कराने नहीं जाते। इसीलिए चोरी होने के बाद ऐसे लोग रिपोर्ट दर्ज कराने भी थाने नहीं जाते। थाने वही लोग जाते हैं, जिनके सभी कागज सही होते हैं।
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इन जगहाें से सबसे ज्यादा हो रही बाइक चोरी
शहर की पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन परिसर से सबसे ज्यादा बाइक चोरी होती है। इसके अलावा प्रमुख बैंक शाखा, होटल-मॉल के पास से भी अक्सर बाइक चोरी हो रही है। कोतवाली क्षेत्र में जिला और महिला अस्पताल, कटेश्वरपार्क, रोडवेज तिराहा, रंजीत चौराहा, मालवीय रोड पर दो बड़े नर्सिंगहोम, एलआईसी कार्यालय, गांधीनगर एसबीआई मुख्य शाखा, गांधीनगर सब्जीमंडी, कचहरी परिसर, कोर्ट एरिया बैंक, कटरा पानी की टंकी, आरटीओ कार्यालय, आईटीआई आदि से सबसे ज्यादा बाइक चोरी होती है। यही हाल कस्बों और प्रमुख बाजारों का भी है।
ढीले पड़ जाते हैं पुलिसवाले, तब होती है चोरों की चांदी
किसी एरिया में यदि बाइक चोरी के मामले अधिक आए तो संबंधित थाने की पुलिस वहां नजर रखती तो है, लेकिन एक दो दिन बाद निगरानी बंद हो जाती है। चोर भी इस बात को जानते हैं। पुलिस चोरों को तभी दबोच सकती है जब वह बाइक लेकर जा रहा हो। घूमते हुए चोरों की पहचान नहीं हो पाती।
अपनी बाइक की सुरक्षा के लिए ये उपाय करना होगा
-बाइक में कार की तरह सेंटर लॉक लगा सकते हैं। यदि कोई आपकी बाइक के करीब आएगा या दूसरी चाबी का उपयोग करेगा तो अलर्ट के सिग्नल के रूप में आवाज आने लगेगी।
- लॉक की हमेशा जांच कराते रहें, चार पांच महीने बाद इसे बदलना न भूलें। बार-बार चाबी लगाने से लाक के भीतर का हिस्सा घिस जाता है फिर उसमें कोई भी चाबी काम करने लगती है।
- संभव हो तो गाड़ी को स्टैंड में खड़ी करें, यदि आसपास इसकी व्यवस्था नहीं हो तो चक्कों को भी लाक कर रखें। इसके लिए अलग से राउंड लाक लेकर चलें।
- गाड़ी के दस्तावेज दुरुस्त रखें, ताकि चोरी होने के बाद एफआईआर दर्ज करा सकें। साथ ही बीमा क्लेम भी कर सकें।
- गाड़ी पर बार-बार नजर रखें, यदि किसी की गतिविधियां संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना पुलिस को दें।