संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। सुबह-शाम कोहरे की चादर है। घर के अंदर एसी, पंखे की हवा में रात में सिहरन महसूस हो रही है। ऐसे में दिनचर्या बदलना जरूरी हो गया है।
आलमारी और बख्शे से गर्म कपड़े निकालने पड़ेंगे। वरना सुबह-शाम की ठंडी सेहत बिगाड़ देगी। जरा सी लापरवाही होने पर खांकी, जुकाम, बुखार के लोग मरीज बन जा रहे हैं।
मौसमी बीमारियों ने फिर पांव पसार लिए हैं। दिन में बर्दाश्त न हो पाने वाली गर्मी और सुबह-शाम तापमान में नरमी से सिहरन महसूस हो रहा है। बदन पर हल्के कपड़े लोगों को बीमार कर दे रहे हैं। पुराने ढर्रे पर चलना खतरे से खाली नहीं है। रात को सोते समय कंबल ओढ़ना और सुबह-शाम बाहर निकलने पर हल्के गर्म कपड़े पहनना जरूरी हो गया है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में खांसी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को 500 से अधिक मरीज पहुंचे। इनके करीब सौ से अधिक मरीज मेडिसिन विभाग के थे। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि मौसम बदल रहा है। लापरवाही होने पर लोग खांसी, जुकाम, बुखार से परेशान हो रहे हैं। ऐसे मरीजों को ठीक होने में एक हफ्ते लग जा रहा है।