सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार रात से कम होना शुरू हो गया है। लेकिन, स्थिति में अभी कोई सुधार नहीं दिख रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शुक्रवार को जलस्तर हाईफ्लड लेेवल से करीब 24 सेमी नीचे 93.77 मीटर पर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान 92.73 से अब भी 1.04 मीटर ऊपर है। जलस्तर तेजी से घट रहा है आयोग का अनुमान है कि दो से तीन दिन में जलस्तर सामान्य हो जाएगा।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार बाढ़ प्रभावित गांव सुविकाबाबू, भूअरिया, मलिकपुर, अखनपुर, दक्षिण श्रीराम पुरवा, सतहा, बलुईया, 16 नंबर, अशोकपुर के कुल 14 पुरवे, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, टकटकवा, पूरेमोतीराम, बसावनपुर, बानेपुर आदि पानी से घिरे हुए हैं। सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रशासन लगातार शरणार्थियों के लिए भोजन का प्रबंध किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली और मोबाइल का नेटवर्क नहीं आ रहा है। तमाम लोगों तक शुक्रवार को भी राहत सामग्री नहीं पहुंच पाई। प्रशासन पशुपालकों में भूसा वितरित कर रहा है। हर्रैया विधायक अजय सिंह, सांसद हरीश द्विवेदी, एडीएम कमलेशचंद्र, सीडीओ डॉ. राजेश प्रजापति लगातार गांवों का निरीक्षण कर लोगों को मदद मुहैया करा रहे हैं। टेढ़वा बांध पर स्वास्थ्य विभाग शिविर लगाकर दवाएं आदि वितरित कर रहा है।
हर्रैया एसडीएम गुलाब चंद ने बताया कि शुक्रवार को 2,500 हजार लंच पैकेट और पांच हजार लाई व बिस्किट के पैकेट पीड़ितों के बीच वितरित किए गए। एसडीआरएफ व पीएसी की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद चौधरी ने भी बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनका हाल जाना।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के माझा किता अव्वल, मड़ना माझा, दलपतपुर, जरही, कुड़निया, सहजौरा पूरे दुखी, अराजी भगला, चंदहा, पाही माफी, सरवरपुर, काशीपुर, अइलिया जुग्गाराम, चकिया, सलेमपुर, अराजीडूही, पिपरी संग्राम, बड़ागांव, अर्जुनपुर, नरसिंहपुर, लकड़ी पांडेय, लकड़ी दुबे, शंभूपुर, बेतावा माझा, पकड़ी संग्राम, खेमराजपुर, कन्हईपुर और तटबंध विहीन गांव संदलपुर, चानपुर, पड़ाव, कल्यानपुर, भरथापुर गांवों में जलस्तर कम होने के बावजूद राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं।