स्थित रहा सरयू का जलस्तर, पानी के अंदर हो रही कटान
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में समस्या बढ़ती जा रही है। अब नदी के अंदर से कटान हो रही है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों में खलबली मची है। हालांकि सोमवार को जलस्तर एक सेंटीमीटर कम हुआ, लेकिन इसके बढ़ने का अंदेशा जल आयोग अयोध्या ने जताया है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि सोमवार को जलस्तर 92.540 मीटर पर स्थिर रहा, जो कि खतरे के निशान 92.730 से 19 सेंटीमीटर नीचे है। तटबंध विहीन गांव कल्यानपुर के पूरब पड़ाव क्षेत्र में नदी आबादी से सटकर बह रही है। गांव के शिव कुमार, शत्रुघ्न, फूल कुमारी, अवध राज, नीबू लाल, विद्यासागर आदि ने बताया कि नदी अंदर ही अंदर कटान कर रही है। इसे रोकने के लिए बाढ़ खंड ने अभी तक कोई प्रयास नहीं किया है।
कल्यानपुर प्रधान के प्रतिनिधि अभिषेक शर्मा ने बताया कि बाढ़ खंड अधिकारियों इसकी सूचना दी गई है। फिर भी कोई सुध नहीं ली जा रही है। तटवर्ती गांव संदलपुर में बाढ़खंड बालू और मिट्टी भरी बोरियों से कटान रोकने में जुटा हुआ है, लेकिन बहाव तेज होने के कारण सफलता नहीं मिल रही है। अवर अभियंता दयाशंकर सिंह ने बताया कि पड़ाव क्षेत्र में कुछ तकनीकी समस्या के चलते काम नहीं शुरू नहीं कराया जा सका है। बचाव संबंधी समान देर सोमवार देर शाम तक पहुंचेंगे।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार, अति-संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर पर खलवा गांव से लेकर चांदपुर तक पानी का तेज दबाव बना हुआ है। इसी तटबंध के ठोकर नंबर पर बैठे नोज की बाढ ़खंड मरम्मत करा रहा है। यहां बोरियों में ईंट भरकर कैरेट पर कोपाइन डाल कर काम किया जा रहा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर पानी दबाव बनाए हुए है। टकटकवा गांव के पास निर्माणाधीन ठोकर पर काम दोबारा शुरू कर दिया गया है।