बस्ती। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में पानी घटने के बाद भी दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। सरयू का जलस्तर इधर तेजी के साथ घटने लगा है। लाल निशान से 9 सेंटीमीटर नीचे उतर आई है। इससे बाढ़ का खतरा कम हुआ है लेकिन, माझा क्षेत्र में दुश्वारियां बरकरार है।
तटवर्ती गांवों में कटान का खतरा है तो, विषैले जीव जंतुओं का भी आबादी क्षेत्र में पहुंचने का भय है। वहीं बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रामक बीमारी फैलने की भी चिंता लोगों को सताने लगी है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार एक सप्ताह से लाल निशान से आधा मीटर ऊपर पहुंचने के बाद नदी का जलस्तर अब घटने लगा है। शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.640 मीटर पर दर्ज किया गया है। यह लाल निशान 92.730 से 9 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में अभी और गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है।लेकिन, तटबंध के ठोकरों और स्परों पर पानी का तेज दबाव अभी भी बना हुआ है। जलस्तर घटने से टेढवा, विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती में बाढ़ का पानी आबादी से दूर हो रहा है। हालांकि कीचड़ एवं गंदगी से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। सुबिका बाबू गांव के रास्ते पर अभी पानी भरा हुआ है।