यूपी बोर्ड के हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य रविवार से विरोध के बीच शुरू हुआ। शनिवार से विभिन्न मांगों को लेकर मूल्यांकन का बहिष्कार कर रहे वित्तविहीन शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल रविवार को भी मूल्यांकन केंद्रों पर बहिष्कार की अपील करते रहे।
शनिवार से शुरू हुए बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य रविवार को शुरू तो हुआ लेकिन अपेक्षित गति नहीं रही। बमुश्किल एक-एक शिक्षक पांच से छह कॉपियों की जांच की जबकि 40 कापियां जांची जानी थीं। बहिष्कार कर रहे शिक्षक नेताओं का कहना है कि जनपद में कुल 374 माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें 70 सहायता प्राप्त और 20 राजकीय हैं। शेष 284 विद्यालय वित्तविहीन हैं। कुल 1650 शिक्षक मूल्यांकन कार्य में लगाए गए हैं। जिनमें से आधे से अधिक वित्त विहीन विद्यालयों से ही हैं। इनके सहयोग के बिना मूल्यांकन कार्य समय से कुशलतापूर्वक संपन्न नहीं हो सकता। ऐसे में शासन प्रशासन को हमारी मांगों को गंभीरता से लेना ही होगा। वित्तविहीन गुट के जिला अध्यक्ष प्रभु नाथ पांडेय, महामंत्री रजवंत यादव तथा माध्यमिक शिक्षक महासभा के प्रदेश मंत्री रमेश कर पाठक, अनिल तिवारी, राकेश दुबे, सूर्य नारायण उपाध्याय, जिला अध्यक्ष हरिशंकर पांडेय, बागी गुट के जिला अध्यक्ष इंद्रसेन चौधरी, राम सरन चौधरी, रमजान अली, सफी मोहम्मद, शैक्षिक महासभा के डॉ. अनिल श्रीवास्तव की अगुवाई में शिक्षकों ने राजकीय इंटर कॉलेज राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, श्री कृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज, सेकसरिया इंटर कॉलेज के गेट पर प्रदर्शन किया।
शुरुआत में कुछ उप प्रधान परीक्षकों ने मूल्यांकन के लिए कापियां ली थीं उसे भी बाद में कोठार में जमा करा दिया। शिक्षकों ने मानदेय की राजाज्ञा जारी करने के नारे लगाए। जब तक शिक्षक भूखा है, ज्ञान की गंगा सूखी है, जीना है तो मरना सीखो, कदम कदम पर लड़ना सीखो सहित तमाम नारे बुलंद कर रहे थे। इस मौके पर हरिशंकर मिश्र, रामनरेश गौतम, दिनेश कुमार शुक्ल, संजय प्रजापति, वीरेंद्र चौधरी, पंकज पांडेय, सतीश चौधरी, रामशरण चौधरी, मोहम्मद शायदा हुसैन, अर्जुन यादव, केके श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार चौधरी, प्रतिमा चौधरी, सुदामा प्रसाद जायसवाल सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।