विक्रमजोत मे परियोजना अधिकारी कार्यालय पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो ने किया प्रर्दशन।
पिछले 22 दिनों से अपने हक की लड़ाई लड़ रहीं आंगनबाड़ी कर्मियों, सहायिकाओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को भी सभी 15 परियोजना कार्यालयों पर क्रमिक भूख हड़ताल, धरना प्रदर्शन और थाली बजाओ, दरिद्र भगाओ आन्दोलन जारी रहा। जिससे बीएलओ, पल्स पोलियो, हौसला पोषण मिशन जैसी योजनाओं का संचालन पूरी तरह ठप रहा। प्रशासनिक स्तर की धमकियों को नजर अंदाज कर आंगनबाड़ी कर्मियों, सहायिकाओं ने आशा आन्दोलन को भी समर्थन देने का निर्णय लिया है।
आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष रतनबाला श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैरिहवा स्थित कार्यालय में रविवार को बैठक हुई। 27 सितम्बर को लखनऊ में आयोजित आन्दोलन में हिस्सेदारी के साथ ही कई बिंदुओं पर निर्णय लिया गया। दो अक्टूबर को गांधी कला भवन स्थित बापू प्रतिमा समक्ष भूख हड़ताल के साथ ‘अचरा फैलाओ, भीख मांगो’ आन्दोलन शुरू होगा। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से मानदेय बढाने व अन्य समस्याओं को सुलझाने की मांग की जाएगी। जिलाधिकारी, सीडीओ, जन संगठनों, श्रमिक, कर्मचारी संगठनों और जन प्रतिनिधियों से सन 1975 में स्थापित हुई बाल विकास परियोजना में 51 वर्षो से कार्य कर रही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को अभी तक वेतनमान न दिये जाने के सवाल को लेकर सहयोग और समर्थन मागा जाएगा। साथ ही 15 परियोजनाओं में क्रमवार परियोजना वार जेल भरो आन्दोलन शुरू किया जायेगा और 16 वें दिन जिला स्तर पर गिरफ्तारी दी जाएगी। इस दौरान सरोज शुक्ला, मिथलेश पाण्डेय, विमला देवी, आशा सिंह, रानी सिंह, ऊषा शर्मा, सरला चौधरी आदि मौजूूद रहीं।
सल्टौआ में ब्लाक अध्यक्ष सरोज शुक्ला ने कहा कि जब तक हम लोगो की मांगे पूरी नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा। गायघाट प्रतिनिधि के मुताबिक बहादुरपुर बाल विकास परियोजना कार्यालय कुसौरा बाजार में प्रदर्शन जारी रहा। महामंत्री चंद्रावती सिंह के अलावा प्रभावती चौधरी, मंजू सिंह, सुमन, रानी पाण्डेय, उषा आदी मौजूद रही।
विक्रमजोत में बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय पर ब्लाक अध्यक्ष उषा शर्मा महामंत्री कुसमावती कोषाध्यक्ष इन्द्रावती विभा सिंह संगीता वर्मा बदामा देवी मिथलेश तिवारी इन्द्रावती मिश्रा प्रतिभा पांडेय सुनीता सिंह पुष्पा सिंह आदि कर्मियों ने सीडीपीओ कार्यालय में ताला जड़ दिया। दोपहर दो बजे बाघानाला कि आंगनबाडी कर्मी मोहनी को चक्कर आ गया और गश खा गिर पड़ी उन्हें सीएचसी विक्रमजोत भेजा गया जहां से डॉक्टरों ने बस्ती के लिए रेफर कर दिया ।