बस्ती। पैकोलिया थाने के जिस मुकदमे की तफ्तीश करते हुए एसपी अपराध गोरखपुर इंदु प्रभा सिंह अनुशासनात्मक कार्रवाई की जद में आई हैं, उसकी विवेचना यहां तीन बार स्थानांतरित की जा चुकी थी। किशोरी को भगाकर ले जाने, दुष्कर्म के आरोप में यह मुकदमा पांच जून 2022 को पैकोलिया थाने में परशुरामपुर के निवासी दीपक पाठक को आरोपी बनाते हुए दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना थाने के एसआई ओम प्रकाश भारती को मिली थी। पीड़िता के कलमबंद बयान के बाद विवेचक ने केस में छावनी थानाक्षेत्र के पावड़ निवासी आनंद मिश्रा का नाम भी शामिल किया। पीड़िता ने बयान दिया था कि आनंद मिश्रा उसके प्रेमी दीपक पाठक का मित्र है। दीपक पाठक ने ही कान्फ्रेंस से आनंद मिश्रा से पीड़िता की बात कराया। जिसके बाद पीड़िता का आनंद मिश्रा से भी प्रेम संबंध हो गया। वह दोनों से मिलती जुलती रही और दोनों से शारीरिक संबंध बना।
उधर, विवेचक के आनंद मिश्रा का नाम मुकदमे में शामिल करने के बाद उसके परिवार के लोगों ने एसपी को प्रार्थनापत्र दिया कि विवेचक ज्यादती कर रहे हैं। एसपी ने एएसपी को जांच सौंपी। एएसपी की जांच आख्या के आधार पर एसपी ने यह विवेचना सात जुलाई 2022 को परशुरामपुर थाने को स्थानांतरित कर दी गई। वहां के एसआई अजय कुुमार सिंह को विवेचना सौंपी गई। इस बीच आरोपी आनंद मिश्रा की तरफ से शासन में अपर मुख्य सचिव गृह गोपन को प्रार्थनापत्र दिया गया। अपर मुख्य सचिव गृह ने एसपी से इस मामले में आख्या मांगी। छह अगस्त 2022 को एसपी ने शासन को अपनी आख्या भेजी और अगले ही दिन सात अगस्त को केस की विवेचना परशुरामपुर के एसआई अजय कुमार सिंह से हटाकर अपराध शाखा के निरीक्षक राणा देवेंद्र प्रताप सिंह को सौंप दी गई। इसके कुछ हफ्ते बाद ही शासन स्तर से इस केस की तफ्तीश एसपी अपराध गोरखपुर इंदुप्रभा सिंह को सौंप दी गई।