बस्ती। दरोगा अजय गौड़ की रहस्यमयी मौत के मामले में एक नया तथ्य सामने आया है। वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर डायटम रिपोर्ट मिलने में अभी भले देरी है, मगर गोरखपुर एम्स के विशेषज्ञों का मंतव्य पुलिस अधिकारियों को मिल गया है। यह काफी हद तक पुलिस की जांच में खुदकुशी की थ्योरी से मेल खा रही है। अब पुलिस अधिकारी डंके की चोट पर दरोगा के खुदकुशी करने का दावा कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार एम्स के विशेषज्ञों की टीम से बस्ती पुलिस ने एक दिन पहले शुक्रवार को संपर्क साधा है। उधर से बताया गया कि डायटम टेस्ट की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट पहुंचने में एक-दो दिन की देरी हो सकती है। पुलिस के अनुसार, विशेषज्ञों ने तीन अहम बिंदुओं पर अपना मंतव्य साफ किया है। पहला दरोगा की मौत किसी चोट, प्रेशर एवं किसी अन्य कारणों से नहीं प्रतीत हो रही है। दूसरी आशंका डूबने से मौत पर जताई गई है। फेफड़ों में पानी न होने के सवाल पर तीसरा मंतव्य आया है कि जब बॉडी दो-तीन दिन या इससे अधिक समय तक पानी में पड़ा रहता है तो फेफड़े का पानी फैलकर शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच जाता है। इस मामले में पुलिस पहले से ही अपने जांच में दरोगा के खुदकुशी की थ्योरी तैयार कर ली है।
पुलिस दावा कर रही है कि दरोगा थाने से निकलने के बाद अपनी पल्सर बाइक से अयोध्या सरयू पुल तक गए। जहां बाइक खड़ी कर वह नदी में छलांग लगाकर कूद गए। पुलिस का दावा है कि उन्हें डूबते हुए कुछ नाविक और सिक्का बीनने वाले कुछ बच्चों ने भी देखा था। चश्मदीद के तौर पर पुलिस इन लोगों को दरोगा की पत्नी रंजीता, एडीएम भाई अरुण कुमार की पीसीएस पत्नी ज्योति एवं परिवार के अन्य सदस्यों के समक्ष पेश कर चुकी है। मगर डूबने वाली कहानी पर परिजनों ने यकीन नहीं किया। इससे पुलिस के कदम मौत का खुलासा करने से थम गए।
वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर डायटम रिपोर्ट का इंतजार होने लगा। एक दिन पहले एम्स विशेषज्ञों का मंतव्य अपनी जांच के अनुकूल पाकर पुलिस काफी उत्साहित है। पुलिस अब और मजबूत दावे से दरोगा के खुदकुशी करने की बात कहने लगी है। विशेषज्ञों का मंतव्य जानने के बाद पुलिस उच्चाधिकारी डायटम रिपोर्ट का अब और बेसब्री से इंतजार करने लगे हैं, ताकि ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य हाथ लगने के बाद मामले का खुलासा कर दिया जाए।
पांच फरवरी की शाम लापता हुए थे दरोगा : परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ प्रभारी थानाध्यक्ष रहते हुए पांच फरवरी की शाम करीब चार बजे अचानक लापता हो गए। बस्ती में किराए के मकान में बच्चे के साथ रह रही उनकी पत्नी रंजीता का कहना है कि दिन में 3 बजे उनकी अपने दरोगा पति से बात हुई थी। रात आठ बजे फोन मिलाने पर स्वीच ऑफ बताया। अगले दिन सुबह भी उनकी मोबाइल स्वीच ऑफ मिली।
तब उन्होंने थाने के एक सिपाही को फोन मिलाया तो जानकारी मिली वह लापता है। इसके बाद पत्नी ने दिन भर खोजबीन करने के बाद शाम को तहरीर दी और दरोगा के गुमशुदुगी की रिपोर्ट दर्ज हुई। दूसरे दिन दरोगा की पल्सर बाइक एसपी आवास के निकट अमहट घाट से लावारिस हाल में बरामद हुई। जबकि चौथे दिन दरोगा की लाश 60 किमी दूर अयोध्या सीमा क्षेत्र से सटे छावनी थाना क्षेत्र के बस्ती सीमा में सरयू नदी में उतराया हुआ मिला।