एडीएम के माध्यम से अधिवक्ताओं को बुलाकर डीएम ने की वार्ता
सिविल बार के महामंत्री बोले- हम दबाव में आने वाले नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। हापुड़ घटना के विरोध में मंगलवार को भी जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। अधिवक्ताओं को डीएम ने एडीएम के माध्यम से बुलवा कर वार्ता की। डीएम ने अधिवक्ता संगठगों के पदाधिकारियों से हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री शिवपूजन मिश्र ने कहा कि हापुड़ घटना में सरकार जब तक स्पष्ट निर्णय नहीं लेती है, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि एडीएम कमलेश चंद्र की मौजूदगी में डीएम अंद्रा वामसी से बातचीत हुई, जो बेनतीजा रही। डीएम ने हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने को कहा, लेकिन हमें यह मंजूर नहीं है। जब तक उत्तर प्रदेश बार काउंसिल हड़ताल खत्म करने का निर्देश जारी नहीं करती है तब तक न्यायिक कार्य नहीं किया जाएगा।
दि यंग बार के अध्यक्ष विनोद भट्ट ने कहा कि सरकार कायराना हरकत पर उतर आई है। नौकरशाहों के माध्यम से हड़ताल को खत्म करने का दबाव बना रही है। अधिवक्ता कौशलेंद्र पाल ने कहा कि अधिवक्ताओं पर दर्ज आपराधिक केस में कहीं न कहीं सरकार का हाथ है। यह स्थिति लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं कही जा सकती है। बिना ठोस निष्कर्ष पर पहुंचे हड़ताल खत्म नहीं होगी।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता जवाहरलाल मिश्र, विजय नाथ पांडेय, राम प्रसन्न मिश्रा, शेषनाथ पाठक, उपेंद्र नाथ दुबे, बद्री दुबे, रमापति पांडेय, पुजारी मिश्रा, शिवाकांत तिवारी, विवेक शुक्ला, वंशीधर पांडेय आदि मौजूद रहे।