बस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के एक संगठन ने शासन स्तर पर वार्ता के बाद शनिवार को हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। हालांकि, सीएचओ और संविदा एएनएम के कुछ संगठनों का आंदोलन जारी रहने से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकीं। 256 जन आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके रहे।
वहीं, एचआईवी जांच, दवा वितरण और टीकाकरण समेत कई सेवाएं प्रभावित हुईं। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने बताया कि मिशन निदेशक की अध्यक्षता में हुई बैठक में वेतन नीति, सामाजिक सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, स्थानांतरण, नियमित भर्ती में वरीयता और सेवामुक्त कर्मचारियों की बहाली समेत 14 मांगों पर चर्चा हुई।
कर्मचारियों के ईपीएफ और ग्रेच्युटी के लिए राज्य बजट में प्रावधान करने की बात भी कही गई। इसके अलावा 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अवकाश और सेवा अनुबंध से जुड़ी मांगों पर समिति के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। सीएचओ के लिए अलग कैडर बनाने और नियमितीकरण की नीति से संबंधित पत्रावली शासन में विचाराधीन है। संगठन के महामंत्री राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि वार्ता के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सहमति पत्र की प्रति जल्द ही कर्मचारियों के साथ साझा की जाएगी।