दुबौलिया। सरयू का जलस्तर भले ही घटने लगा है। लेकिन, खतरा अभी बरकरार है। नदी लाल निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर होकर प्रवाहित हो रही है। माझा क्षेत्र के निचले इलाकों में फैला पानी घटने लगा है। तटवर्ती गांवों की दलदल हो चुकी है।
बाढ़ प्रभावित गांव सुबिका बाबू के लोगों में परेशानियां कम होने की उम्मीद बनी है। अभी भी यहां के लोगों को अपनी दैनिक दिन चर्या मोटर बोट के सहारे चलानी पड़ रही है। गांव के लोगों में संक्रामक बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।
माझा के दूसरी सोती में तेजी से कटान हो रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार रविवार शाम 6 बजे नदी का जलस्तर 93.080 मीटर पर दर्ज हुआ है। यह लाल निशान 92.730 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। गौरा-सैफाबाद तटबंध के एसडीओ संजय शुक्ल का कहना है कि जलस्तर तेजी से घट रहा है। संवेदनशील स्थलों की निगरानी बढ़ा दी गई है।