पैकोलिया थाने पर शिकायत लेकर पहुंचे सीएसपी ग्राहक। संवाद
बस्ती। रुपयों के हेराफेरी में सीएसपी संचालक एवं जिला पंचायत सदस्य जवाहर लाल और उसके बेटे दिवाकर विक्रम ने पुलिस को उलझाकर रख दिया है। पैकोलिया थाना क्षेत्र के औरातोंदा गांव स्थित अपने घर पर सुसाइड नोट छोड़कर भागे पिता-पुत्र की खोज पुलिस अभी तक नहीं कर पाई है। दोनों की तलाश के लिए पुलिस टीमों ने घर से लेकर संभावित ठिकानों तक जाल बिछा दिया है। दोनों की मोबाइल बंद जा रही है। पुलिस घर पर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ करने के अलावा प्रमुख जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है।
बेटे के साथ 15 अप्रैल से लापता जिला पंचायत सदस्य के सुसाइड नोट पर किसी को यकीन नहीं हो रहा है। पुलिस भी इसे नाटकीय घटनाक्रम मान रही है। इसीलिए लापता जिला पंचायत सदस्य और उसके बेटे की तलाश के लिए पुलिस हर हथकंडा अपना रही है। चूंकि लापता होने के एक दिन पहले से दोनों की मोबाइल स्विच ऑफ हो गई थी इसलिए लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रहा है। पुलिस की जांच में यह सामने आ चुका हैं कि जिला पंचायत सदस्य ने अपने बेटे दिवाकर के नाम से मुलायमगंज में संचालित सीएसपी ग्राहकों का बड़े पैमाने पर रुपये हड़प लिए हैं।
इसके अलावा कुछ बैंकों से ऋण भी उसने लिया है। वहीं सुसाइड नोट में जिला पंचायत सदस्य ने कुछ लोगों से ब्याज पर रकम लेने की बात लिखी है लेकिन, अभी रुपये देने वाला कोई शख्स अभी पुलिस के सामने नहीं आया है। घर से अपाची गाड़ी से निकले पिता पुत्र को ढूंढने के लिए पुलिस ने विभिन्न मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगालना शुरू कर दी है। इसके अलावा उसके कुछ करीबियों से पूछताछ की जा रही है। इधर सीएसपी उपभोक्ता एसबीआई बैंक शाखा केशवपुर का तीन दिन तक चक्कर लगाने के बाद सोमवार को थाने पर पहुंचने लगे हैं।
शुरूआत में बैंक शाखा की ओर से उपभोक्ताओं के रुपये वापस दिलाने की बात कहीं गई थी। मगर जांच ज्यों- ज्यों गबन की धनराशि बढ़ती जा रही बैंक अधिकारी भी अब पल्ला झाड़ने लगे हैं। दो दिन पहले ही सीएसपी ग्राहकाें के खाते से 12 लाख रुपये गबन की पुष्टि हो चुकी है। इसके आगे की कार्रवाई बताने से बैंक के अधिकारी अब किनारा कसते नजर आ रहे हैं।
जय गुरुदेव का चोला भी पहनता था जवाहर लाल : मिलनसार स्वभाव होने के नाते जवाहर लाल गांव से लेकर क्षेत्र में काफी चर्चित हो चुका था। उसने हर्रैया द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी जीता था। क्षेत्र के लोग बताते हैं कि उसका व्यवहार अच्छा होने के नाते आसपास के कई गांवों के लोग उसके सीएसपी सेंटर के नियमित ग्राहक बन गए थे। उसके भरोसे में आकर तमाम लोगाें ने एफडी के लिए रुपये भी दिए थे। बदले में उसने आगे की तिथि डालकर अधिक धनराशि का फर्जी चेक थमा दिया था। इसके अलावा कम पढ़े लिखे ग्राहकों से अंगूठा निशानी लेकर उनके खाते से अधिक रुपये आहरित करता रहा। यह धोखाधड़ी बैंक ने पकड़ी। जानकारी होने के बाद ही जिला पंचायत सदस्य अपने बेटे के साथ सुसाइड नोट छोड़कर लापता हो गया।