कलवारी क्षेत्र में सरयू नदी जहां अक्सर हो रही घटनाएं।
बस्ती/कुदरहा। जिले के कलवारी क्षेत्र से होकर बहने वाली सरयू नदी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। नदी में तेज बहाव और लगातार बदलते घाटों के कारण आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। क्षेत्र में नदी में डूबने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरयू नदी की धारा काफी तेज रहती है और बरसात के समय नदी के घाट और बहाव क्षेत्र लगातार बदलते रहते हैं। ऐसे में लोगों को सुरक्षित घाटों की सही जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे हादसे हो जाते हैं। ऐसे में प्रशासन को इस पर कोई व्यवस्था करनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। सरयू नदी अयोध्या के अलावा बस्ती जिले के हर्रैया, कुदरहा, कलवारी, दुबौलिया और विक्रमजाेत की सीमा से निकलती है। सबसे ज्यादा घटनाएं कलवारी व दुबौलिया क्षेत्र में होती है। कलवारी निवासी दिव्य प्रकाश, रामअजोर आदि का कहना है कि लोगों को अगर नदी में बहाव तेज है तो नहाने से बचाना चाहिए। लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के बाद क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने, खतरनाक घाटों की पहचान कराने और गोताखोरों की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आगे हादसों को रोका जा सके। नौरहनी घाट पर बुजुर्ग नदी में डूबे, देर शाम तक नहीं मिला शव : कलवारी थाना क्षेत्र के नौरहनी घाट पर 23 मई को एक बुजुर्ग सरयू नदी में डूब गए। हरखौलिया उर्फ मटियारिया गांव निवासी लगभग 70 वर्षीय भभूती रोज की तरह भैंस चराने के लिए नदी की धारा पार कर दूसरी ओर जा रहे थे। बताया जाता है कि उनके साथ जुग्गी, रामआज्ञा और बंशीलाल भी मौजूद थे। इसी दौरान नदी पार करते समय भभूती का संतुलन बिगड़ गया और वह उफनती धारा की चपेट में आ गए। अन्य तीन लोग भैंसों के साथ सुरक्षित दूसरी ओर पहुंच गए लेकिन भभूती लापता हो गए। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष कलवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर जुट गए, लेकिन गोताखोर न होने के कारण खोजबीन में दिक्कतें आती रहीं। अबतक उनका शव बरामद नहीं हो सका है।