पांच गांव मैरुंड, सरयू का जलस्तर घटा
अब तक एक ही गांव में वितरित की गई राहत सामग्री
मवेशियों के चारे के लिए दर-दर भटक रहे पशुपालक
दुबौलिया (बस्ती)। सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने लगा। बाढ़ की जद में आए गांवों से पानी धीरे-धीरे खिसकने लगा है। जलस्तर घटने से कटान तेज हो गई है। पांच अब भी गांव मैरुड हैं। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 44 सेमी ऊपर यानी 93.17 मीटर पर पहुंच गया है।
क्षेत्र के दिलाशपुर का भरपुरवा, विशुनदासपुर का पुरवा, खजांचीपुर आदि गांवों से बाढ़ का पानी तेजी से कम हो रहा है। मैरुंड गांव सुविखा बाबू, टेढ़वा, अशोकपुर ग्राम पंचायत का सतहा, गोड़ियाना, बलुइया पुरवे को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है। यहां के लोगों का नाव ही एक सहारा है।
सुविखा बाबू निवासी पशुपालक नाव के सहारे तटबंध के उस पार से हरा चारा लेकर आ रहे हैं। प्रधान प्रतिनिधि अनिल सिंह ने बताया की प्रशासन की ओर से बुधवार को राहत सामाग्री वितरित की गई है। प्रधान प्रतिनिधि रामजीत यादव ने बताया कि मैरुंड गांव टेढ़वा के ग्रामीणों को कोई राहत सामाग्री उपलब्ध नहीं हो पाई है। अशोकपुर प्रधान प्रतिनिधि समीर चौहान का कहना है कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित गोड़ियाना, बलुइया, सतहा आदि गांवों की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अब तक ग्रामीणों को राहत सामग्री के नाम पर कुछ भी नहीं मिला। माझा-देवारागंगबरार स्थित नदी की सोती में कटान तेज हो रही है। अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर व गौरा-सैफाबाद के पारा व मटिहा गांव स्थित ठोकरों पर दबाव बना हुआ है।
बाघानाला, भरथापुर व कल्यानपुर का कटन क्षतिग्रस्त
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर घट रहा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मैरुंड व जलभराव वाले गांव भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चानपुर, संदलपुर, कंहईपुर, बेतावा, बड़ागांव, अइलिया जुग्गाराय, संग्रामपुर, पकड़ी संग्राम, लकड़ी, नरसिंहपुर गांवों से पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। बाघानाला, भरथापुर व कल्यानपुर में बनाए गए कटर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जलस्तर कम होते ही संदलपुर में कटान तेज हो गई है। सूचना पर कानूनगो रामसागर यादव मय टीम पहुंचे और स्थितियों का निरीक्षण किया। कल्यानपुर निवासी रामसुंदर यादव, जितेंद्र सिंह, सुशील यादव, अभिषेक शर्मा व संदलपुर के शिवम, श्याम, अजय, चैतू, अरुन शुक्ला आदि ने बताया कि पानी घर में घुसने से अनाज व मवेशियों का चारा भीगकर खराब हो गया है। संदलपुर गांव में कटान रोकने के उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं।