संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में बच्चों को तेज बुखार एवं एईएस का खतरा बढ़ रहा है। लगातार हो रही बारिश व गांव में गंदगी के कारण बच्चों में बीमारियां बढ़ने लगी हैं। जिले में अब तक जेई-एईएस के नौ और तेज बुखार के डेढ़ सौ मरीज मिल चुके हैं।
इस माह तीन बच्चे जेई-एईएस संक्रमित मिले हैं। बारिश के बाद बढ़ रहे संक्रमण के केस को लेकर हड़कंप है। हालांकि, यह सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। मगर, इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ने से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हवा निकल गई है। पीआईसीयू वार्ड के इंचार्ज के अनुसार जेई और एईएस के लक्षण दिखाई पड़ने पर सैंपल लेकर जांच कराई जा रही, जिसमें दो नए केस आए हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। हालांकि, बच्चे स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। आठ मरीजों में एईएस का लक्षण मिला था। जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है।
वहीं जेई केस अभी तक एक ही दर्ज है। यहां हाईग्रेड फीवर से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी हुई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा का कहना है कि अगस्त में इस तरह के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। फिलहाल सावधानी पूर्वक सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है। अभी तक जेई-एईएस एवं हाईग्रेड फीवर से प्रभावित सभी बच्चों को पूरी तरह से स्वस्थ करके ही भेजा गया है। जलजनित बीमारियां बढ़ रही। इससे संक्रमण फैल रहा। इससे बचाव जरूरी है। घर और आसपास जलभराव न होने दें।
डॉक्टरों का कहना है कि जेई-एईएस का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। बच्चों के साथ काफी सावधानी बरतने की जरूरत है।
वरना संक्रमण की चपेट में कब आ जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता है। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में जेई-एईएस संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। डेंगू का भी खतरा बढ़ रहा है।