बस्ती। मानसूनी बारिश के बाद बुखार रोगियों में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। बच्चे तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। डेंगू संक्रमण के मद्देनजर विभाग अलर्ट हो गया है। चिकित्सकों को मरीजों पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
मानसून के साथ बारिश के बाद अब जिले में एक बार फिर डेंगू संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस बीच जिले में डेंगू संक्रमण की आशंका में स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी के एमओआईसी को बुखार से पीड़ित मरीजों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ब्लड बैंक को पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स तैयार रखने को कहा गया है।
फिजीशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि मानसून या बाढ़ के बाद ही डेंगू के मामले सर्वाधिक बढ़ जाते हैं। वर्तमान मौसम में ही डेंगू के मामले आते हैं। इस साल पांच मामले डेंगू के आ चुके हैं। हालांकि, अब तक डेंगू के मरीज की मृत्यु नहीं हुई है। वहीं, डेंगू के प्रसार को देखते हुए सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीएचसी स्तर पर रैपिड जांच किट उपलब्ध करा दी गई है।
साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में हाई फीवर से पीड़ित आने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने बताया कि जिला अस्पताल समेत सभी सीएचसी पर डेंगू के एलाइजा जांच के लिये पर्याप्त किट उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि डेंगू के लक्षण वाले मरीजों का रैपिड जांच की जा रही है। रैपिड जांच में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों की एलाइजा जांच की जा रही है। एसआईसी जिला अस्पताल डॉ. खालिद रिजवान अहमद ने बताया कि जिला अस्पताल के प्री-फैब्रिकेटेेड अस्पताल में डेंगू वार्ड तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
-
जिले में हर साल डेंगू के आते हैं सर्वाधिक मामले
जिले में प्रत्येक साल जून से दिसंबर के बीच डेंगू के मामले सामने आते हैं। अगस्त से अक्तूबर के बीच जिले में डेंगू के सर्वाधिक मामले बढ़ते हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखें तो साल 2024 में जिले में एलाइजा जांच में डेंगू के 71 पॉजिटिव मरीज पाए गए थे। साल 2023 में जिले में 64 डेंगू के मामले आए थे। वर्ष 2022 में 63 केस डेंगू के रिकऍर्ड किए गए थे। इस साल अब तक डेंगू के पांच मामले आ चुके हैं। हालांकि, राहत की खबर है कि डेंगू से मृत्यु नहीं हुई है।
-