बस्ती। जिला महिला अस्पताल में शनिवार को शासन की ओर से नामित कायाकल्प टीम ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। टीम के पहुंचते ही अस्पताल के कर्मचारी और चिकित्सक ड्रेस कोड में मुस्तैद नजर आए। टीम ने अस्पताल में मरीज के पहुंचने से लेकर छुट्टी होने तक की व्यवस्थाओं और अभिलेखों का बारीकी से जायजा लिया।
कायाकल्प टीम में शामिल अरुण कुमार वर्मा और मो. आकिब फखर ने सीएमएस डॉ. अनिल कुमार के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने ओपीडी, पैथोलॉजी, कार्यालय, ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, टीकाकरण कक्ष, वार्ड, फार्मेसी और इमरजेंसी की व्यवस्थाएं देखीं। चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति, रजिस्टर और अभिलेखों के रखरखाव की भी जांच की गई।
टीम ने केएमसी वार्ड, एसएनसीयू और मरीजों व तीमारदारों के लिए बनाए गए वेटिंग एरिया का भी निरीक्षण किया। इस दौरान मरीजों से बातचीत कर अस्पताल की सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया गया। फार्मेसी में दवा वितरण और खून जांच केंद्र में उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी ली गई। सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
बारिश के कारण अस्पताल परिसर में कुछ स्थानों पर कीचड़ और सफाई की कमी मिली। टीम ने सफाई व्यवस्था और प्रबंधन को भी परखा। निरीक्षण के बाद चिकित्सकों और कर्मचारियों के साथ बैठ कर व्यवस्थाओं की जानकारी और फीडबैक लिया गया। टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।
जिला क्वालिटी प्रोग्राम मैनेजर डॉ. अजय ने बताया कि यह प्री-असेसमेंट है। इसके बाद फाइनल असेसमेंट होगा। बेहतर अंक मिलने पर जिला महिला अस्पताल को तीन लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। बताया गया कि अस्पताल इससे पहले तीन बार कायाकल्प पुरस्कार जीत चुका है।
इस दौरान डॉ. अजय कुमार, डॉ. सुधांशु द्विवेदी, डॉ. आशुतोष शर्मा, डॉ. संतोष मौर्य, डॉ. पंकज शुक्ल, डॉ. अनीता वर्मा, शैलेंद्र राय, राकेश पांडेय, अभिषेक सिंह, रोहित चौधरी, चंद्रकली, अनीता, नीता, माया और मधु मौजूद रहे।
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हर्रैया के 100 बेड महिला अस्पताल का निरीक्षण स्थगित
हर्रैया स्थित 100 बेड महिला अस्पताल का निरीक्षण शनिवार को प्रस्तावित था, लेकिन टीम के नहीं पहुंचने और सीएमएस के अवकाश पर होने के कारण निरीक्षण नहीं हो सका। जिला क्वालिटी प्रोग्राम मैनेजर डॉ. अजय ने बताया कि तकनीकी कारणों से निरीक्षण स्थगित किया गया है। दूसरे दिन टीम अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन करेगी।