पीएचसी नरहरिया में मरीज की जांच करते डॉ. आरपी सिंह
बस्ती। जिले में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य स्वास्थ्य मेले में अधिकतर पीएचसी में औपचारिकता दिखाई दी। मरीज भी कम आए। एलोपैथ के डाॅक्टर नहीं होने से कुछ केंद्रों से मरीज लौट गए। आयुष डॉक्टरों ने मरीजों का इलाज किया। फार्मासिस्ट ने दवाएं दीं।
जिले के 39 पीएचसी पर मेला लगा। इसमें नगरीय पीएचसी बरदहिया में डॉ. इंद्रावती कुमारी ने मरीजों की जांच की। दावा किया गया कि 41 मरीजों की जांच हुई। पीएचसी नरहरिया में डॉ. आरपी सिंह ने जांच कर दवाएं दी। बताया गया कि यहां 43 मरीजों की जांच हुई। सर्दी-जुकाम, बुखार के मरीज अधिक थे। वहीं अन्य पीएचसी पर दिवाली के चलते मेला फीका नजर आया। न मरीज दिखे, न ही डॉक्टर और स्टाफ। जैसे-तैसे मेला निपटा दिया गया।
कलवारी संवाद के अनुसार, सीएचसी में बुखार, जुकाम, खांसी, त्वचा रोग, हड्डी दर्द के मरीज अधिक थे। फार्मासिस्ट जितेंद्र नारायण, एलटी राजेश यादव, स्टाफ नर्स कल्पना मिश्रा, वार्ड बॉय भगवानदास तथा स्वीपर रमजान अली ने सहयोग किया। बभनान संवाद के अनुसार, पीएचसी बभनान में एलोपैथ के डॉक्टर नहीं थे तो फार्मासिस्ट आशुतोष शुक्ला ने मरीजों को दवा दीं। फार्मासिस्ट ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ वाले मरीज अधिक आए। वाल्टरगंज संवाद के अनुसार, पीएचसी में डॉ. रवि वर्मा ने मरीजों की जांच की। भानपुर सीएचसी में और तीन पीएचसी में जांच हुई। पेट दर्द, बुखार, सर्दी और गले में खराश से पीड़ित मरीज अधिक आए। एमओआईसी डॉ. सचिन ने बताया कि मरीजों को जांच कर दवाएं दी गईं।