- खुले बाजार 150 से 200 रुपये किलो बिक रहा लहसुन- मूल्य पर नियंत्रण नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। मसाले में खास लहसुन का भाव अभी नीचे नहीं उतर सका है। जबकि इधर पैदावार भी शुरू हो गई है। नया लहसुन बाजार में उपलब्ध है। मगर कीमत आसमान पर ही है। अभी भी खुले बाजार में लहसुन डेढ़ सौ से दो सौ रुपये किलो बिक रहा है।
मंडी के जानकारों की मानें तो पुराने पैदावार के लहसुन बड़े पैमाने पर थोक कारोबारियों के यहा डंप कर लिए गए हैं। जिससे मूल्य पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। थोक में लहसुन की कीमत बढ़ी हुई है। फुटकर दुकान पर पहुंचते- पहुंचते इसमें 30 से 40 रुपये प्रति किलो का इजाफा हो रहा है। मंडी कारोबारी अशफाक ने बताया कि थोक में पुराने सूखे लहसून 120 रुपये किलो मिल रहे हैं। परिवहन आदि खर्च जोड़कर डेढ़ सौ रुपये प्रति किलो कम से नहीं बेजा जा सकता है। वरना मुनाफा और अपनी दिहाड़ी नहीं निकलेगी। नई पैदावार का लहसुन भी सौ के पार है। हालांकि इनकी डिमांड अभी उतनी नहीं है जितनी पुरानी पैदावार के लहसुन की है। एक महीने पहले लहसुन की कीमत और उछाल पर थी। खुले बाजार में अच्छे किस्म के लहसुन चार सौ रुपये प्रति किलो की दर से बेचे गए हैं। वहीं हल्की क्वालिटी के लहसुन की कीमत भी 300 के पार रही। इधर नई पैदावार के बाद उम्मीद थी इसके भाव में काफी हद तक गिरावट आएगी। मगर कीमत डेढ़ सौ से नहीं उतर रहा है। इसीलिए मध्यम वर्गीय एवं मजदूर वर्ग के लोगों की पहुंच से लहसुन अभी भी दूर बना हुआ है। गॉधी नगर के किराना कारोबारी अब्दुल ने बताया कि लहसुन का दाम में गिरावट अभी अपेक्षित नहीं है। इसलिए बहुत कम मात्रा में इसकी बिक्री हो रही है। हम लोग भी थोक मात्रा में लहसुन नहीं ला रहे हैं। क्योंकि अभी महंगे दर पर लहसुन खरीद लें और कुछ दिनों के बाद कीमत में गिरावट आ जाए तो काफी नुकसान होगा। ऐसे में भाव नियंत्रण में आने के बाद ही दुकान पर बल्क मात्रा में लहसुन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।