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Basti News: 89 लाख का कर्जदार बनाने वाले ने बेच डाली गांव की जमीन, अब गायब

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बस्ती। समूह की महिलाओं को लोन दिलाने के नाम पर 89 लाख रुपये की हेराफेरी करने का मुख्य आरोपी अनिल अपने गांव में छिप-छिपाकर जाता है। उसके जाल में फंसकर कर्जदार बनी महिलाओं का कहना है कि उसने झांसा दिया था कि लोन निकालकर उसे दे दोगी तो दो साल में वह रकम दोगुना करके देगा।
इस लालच में वे सब फंसती चली गईं। अब वह गांव में कम ही आता है। उसके गिरोह के सभी लोग गायब हैं। उनकी आपस में बातचीत तो होती है, लेकिन सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देते। इनमें अनिल मुंह पर कपड़ा बांधकर हेलमेट पहनकर गांव में कभी कभार आता है। मीरा, उर्मिला और सुनीता का कहना है कि उसने गांव की जमीन भी बेच दिया है। कह रहा था कि जमीन बेचकर लोन जमा कर देगा लेकिन रुपये लेकर वह हड़प गया।
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कर्जदार बनी मीरा देवी, निर्मला, सुनीता ने बताया कि गांव का ही अनिल पहले खेती और मजदूरी करता था। बाद में उसके गांव की मीना के संपर्क में आने के बाद वह समूह चलाने लगा। उसके पहले मीना समूह चलाती थी।
अनिल अपने को गांव का बताकर विश्वास दिलाता था। वे बताती हैं कि अरविंद सोनी और उसका रिश्तेदार रवि उन लोगों के पास 11 फरवरी 2022 को आए थे। लालच दिए कि समूह में शामिल हो जाओगी तो बकरी पालन, गाय पालन जैसे छोटो-मोटे रोजगार के लिए बिना ब्याज के जितना चाहोगी उतना लोन मिल जाएगा। जो रकम निकालोगी उसे वह दो वर्ष में दोगुना कर देगा।
इन सबने लोन लेने से इन्कार किया तो वे कहने लगे कि लोन के रुपये उन्हें दे देना, वे ब्याज और मूल धन जमा करते रहेंगे। इसके बदले उन्हें हजार-दो हजार रुपये दे दिए। इसी दो हजार की लालच में उन लोगों ने कई बार हस्ताक्षर बनवाए और आधार, पैन कार्ड की फोटो कॉपी ले गए। अब मीरा पत्नी राम शंकर के नाम पर दो लाख रुपये, निर्मला पत्नी गाेमती के नाम पर 1.80 लाख, सुनीता पत्नी शिव प्रसाद के नाम पर 1.50 लाख रुपये की कर्जदार हैं।
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इन लोगों ने बताया कि उन्हें दो-चार बार बैंक में ले जाया गया। कई बार बैंकों के लोग घर पर ही पहुंच जाते थे। उनके परिवार में इसे लेकर झगड़े होने लगे हैं। अब वे न्याय पाने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।
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