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Basti News: रामसूरत की सुपारी देने वाले का नाम बना रहस्य

Wed, 27 Sep 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- सुपारी लेकर हत्या करने पहुंचे युवक से 24 घंटे की पूछताछ में भी नहीं हुआ खुलासा
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- दो फरार साथियों की तलाश में दबिश, सोमवार को परसौड़ा में पकड़ा गया था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
हर्रैया। परसौड़ा गांव के रामसूरत की सुपारी देने वाले का नाम अभी रहस्य बना है। आखिर किसने और किस कारण सुपारी दी? यह सवाल पुलिस व ग्रामीणों को परेशान कर रही है। तो रामसूरत भी इस सवाल का जवाब तलाशने में लगा है। पकड़े गये आरोपी से हरैया पुलिस 24 घंटे की पूछताछ में सिर्फ इतना ही कुबूल करा सकी कि एक लाख में सुपारी दी गई थी। पुलिस का दावा है सुपारी देने वाले का नाम फरार दोनों आरोपियों की पकड़े जाने के बाद ही सामने आयेगा।
परसौड़ा गांव के सीवान स्थित गन्ने के खेत में छिपे युवक को सोमवार सुबह ग्रामीणों ने संदेह के आधार पर पकड़ लिया। युवक इलाके के अजगरा निवासी अभिषेक वर्मा है। उसने पुलिस को बताया कि गांव के रामसूरत की एक लाख रुपये में सुपारी मिली थी। राम सूरत की हत्या के लिए उसके ममेरे भाई अनिल वर्मा ने कहा था। उसने हत्या के बाद एक लाख रुपये मिलने की बात कही। जिस पर वह अपने चचेरे भाई संजय के साथ अनिल की कार से परसौड़ा गांव पहुंचा था। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कार भी बरामद कर ली है। पुलिस को उसमें से धारदार हथियार मिले हैं।
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पहले से मालूम थी रामसूरत की दिनचर्या
पुलिस की पूछताछ में अभिषेक ने बताया कि हत्या की सुपारी लेने के साथ ही रामसूरत की दिनचर्या के बारे में जानकारी कर ली गई थी। अभिषेक ने बताया कि रेकी कर पता किया था रामसूरत रोज सुबह 8-9 बजे के बीच में चरी काटने खेत में जाता है। इस समय वह अकेले रहता है। वहीं गांव के लोग इस समय नौकरी व अपने काम धंधे पर चले जाते हैं। गांव में वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल सकते हैं। इसी योजना पर अमल करते हुए खेत में तीनों छिप गये थे। लेकिन सोमवार को रामसूरत के घर पूजा थी। जिसके कारण वह नहीं आया। वहीं ग्रामीणों ने उसे देख लिया। उसके पकड़े जाने के बाद दोनों साथी वहां से भाग निकले।
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दहशत में राम सूरत व उसका परिवार

खुद की हत्या की सुपारी दिए जाने की जानकारी होने पर राम सूरत वर्मा ही नहीं उसका पूरा परिवार दहशत में है। मंगलवार को अमर उजाला से बातचीत में उसने बताया कि उसकी गांव में किसी से ऐसी दुश्मनी नहीं है। दहशत ऐसी है कि मंगलवार सुबह वह खेत में अकेले चरी काटने नहीं गया। गांव के ऊदल, राम जीत व सत्यराम साथ जाने को तैयार हुए तब वह खेत में गया। राम सूरत ने कहा कि जब तक फरार आरोपी जब तक पकड़े नहीं जाएंगे, तब तक साजिश का खुलासा नहीं होगा। गांव के ऊदल व उनकी पत्नी ने बताया कि सोमवार सुबह वह दोनों चरी के खेत में घास काटने गए थे, तो तीन लोगों को संदिग्ध हालत में खेत के पास मंडराते देखा था। मगर वे बदमाश हैं इसका अंदेशा नहीं था। कुछ देर बाद जब एक बदमाश के पकड़े जाने की खबर मिली तो होश उड़ गए।
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