दुबौलिया। थानाक्षेत्र के बेमहरी टोला खूनी पुरवा में तांत्रिक की हत्या की गुत्थी उलझती जा रही है। इसे सुलझाने के लिए पुलिस आसपास के पांच-छह किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। साथ ही तांत्रिक व उसके परिवार से जुड़े मोबाइल नंबरों से तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पुलिस की एक टीम आशनाई पर भी काम कर रही है। हाल के कुछ दिनों में तंत्रमंत्र करने जिनके यहां तांत्रिक ज्यादा आया-जाया करता था,पुलिस उनसे भी पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है।
असल में तांत्रिक के बेटे और परिवार वालों के संदेह के आधार पर उसके दो चेलों को पुलिस ने भले ही नामजद कर लिया है लेकिन हत्या की वजह और हत्यारोपियों के बीच कोई कड़ी नहीं जुड़ रही है। अब तक कोई पुख्ता साक्ष्य हाथ न आने की वजह से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने संदेह के आधार पर नामजदगी तो कर ली है लेकिन वह ज्यादा काम अवैध संबंध के एंगिल पर ही कर रही है। हालांकि हिरासत में लिए गए संदिग्धों से अभी पूछताछ जारी है।
बता दें कि थाना क्षेत्र के बेमहरी टोला खूनी पुरवा गांव में 26 दिसंबर की देर रात बाइक सवार तीन बदमाशों ने छप्पर में सो रहे राम जीत सोखा (58) को गोली मार दिए। गंभीर हालत में उन्हें सीएचसी कप्तानगंज ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालात गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
वहां पहुंचते ही राम जीत तांत्रिक को मृत घोषित कर दिया। गोली चलने की घटना से गांव में हड़कंप मच गया। देर रात एसपी अभिनंदन भी पहुंचे।
पुलिस की नजर में बेटे की दलील बेदम : रामजीत के बेटे रमेश ने बताया कि कुछ दिन पहले एक गांव में डीह बांधने उसके पिता अपने चेले गंगाराम और राम संवारे के साथ गए थे। वहां रुपये बांटने को लेकर उन लोगों में विवाद हो गया था। रमेश के अनुसार तभी से गंगाराम और राम संवारे उसके पिता को गोली मारने की धमकी दे रहे थे।
बकौल रमेश, उसके पिता ने कई बार यह परिवार के लोगों से बताया था कि अगर उसे कुछ भी नुकसान पहुंचा तो यही दोनों होंगे। उसने इसी आधार पर पुलिस को तहरीर दी है। मगर पुलिस उसकी इस दलील को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही है।