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Basti News: चौकन्ना हुआ मेडिकल कॉलेज प्रशासन... पुलिस और पूर्व सैनिकों की निगरानी में कैंपस

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बस्ती मेडिकल कॉलेज भवन।
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बस्ती। लखनऊ के केजीएमयू में धर्मांतरण मामले में बस्ती मेडिकल कॉलेज से तार जुड़े होने की बात सामने आने पर यहां चौकसी बढ़ा दी गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। हालांकि, बस्ती मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम छात्रों की संख्या कम है। फिर भी चिकित्सा महाविद्यालय में दिनभर हलचल बढ़ी रही। कॉलेज कैंपस में पुलिस और पूर्व सैनिकों ने निगरानी बढ़ा दी है।
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आगंतुकों पर पैनी नजर रखी जा रही है। गेट पर ही ब्योरा दर्ज करने के बाद अंदर अपरिचितों को प्रवेश दिया जा रहा है। महाविद्यालय प्रशासन और यहां अध्ययनरत छात्रों का कहना है कि फिलहाल यहां धर्मांतरण समेत अन्य आपत्तिजनक गतिविधियां अभी देखने को नहीं मिली है। एमबीबीएस की सौ सीट वाले महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय बस्ती की उम्र अभी कुल सात साल की है। यहां से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद इंटर्नशिप करने वाले चिकित्सकों का दो बैच अब तक निकल चुका है।
महाविद्यालय में एमबीबीएस छात्रों की संख्या चार सौ और इंटर्नशिप चिकित्सकों की संख्या 100 हैं। इसमें वर्ष 2021 बैच के कुल 9 इंटर्न चिकित्सक समेत मुस्लिम छात्रों की संख्या 49 है। रविवार होने के नाते कॉलेज कैंपस में सन्नाटा पसरा हुआ था। प्रशासनिक कार्यालय भी बंद मिला। प्रशासनिक भवन के पीछे छात्रों के हॉस्टल के बाहर चहलकदमी दिखाई पड़ी। यहां गार्ड या वार्डन ड्यूटी पर मौजूद नहीं मिले। एमबीबीएस द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के कुछ हॉस्टल के बाहर मौजूद मिले। पूछने पर छात्रों ने पहले कुछ भी बताने से इन्कार किया।
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बाद में कुछ छात्राें ने कहा कि उनके सामने हॉस्टल या कैंपस में फिलहाल धर्मांतरण जैसी कोई गतिविधि अभी तक नहीं दिखी है। किसी संदिग्ध व्यक्ति के आने-जाने की भनक उन्हें नहीं है। वहीं महिला हॉस्टल में महिला गार्ड ड्यूटी पर मौजूद मिलीं। बाहर लॉन में मौजूद एमबीबीएस की कुछ छात्राओं ने भी इस तरह की गतिविधियों से पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर की।
गेट पर ड्यूटी कर रहे पूर्व सैनिकों की टीम के सुपरवाइजर बीडी शुक्ला ने बताया कि केजीएमयू में धर्मांतरण के मामले का तार बस्ती मेडिकल कॉलेज से जुड़े होने की चर्चा सुनने में आई है। लेकिन, यहां इस तरह की कोई हरकत देखने को नहीं मिली है। कॉलेज गेट के अंदर अपरिचितों का रजिस्टर में नाम, पता, नंबर आदि दर्ज करने के बाद ही प्रवेश दिया जाता है। महिला हॉस्टल में पुरुषों का प्रवेश बिल्कुल वर्जित है। गेट के अंदर इंट्री केवल उन्हीं की नहीं होती है जिनका किसी न किसी कार्य से रोजाना आना-जाना रहता है।
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परिसर की निगरानी में टीम मुस्तैद
मेडिकल कॉलेज परिसर की निगरानी में पूर्व सैनिक और उनके आश्रित मिलाकर 53 लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। यह लोग शिफ्टवार गेट से लेकर हॉस्टल और कैंपस में ड्यूटी करते हैं। इसके अलावा मुख्य गेट पर ही मुंडेरवा थाने की मेडिकल कॉलेज रामपुर नाम से पुलिस चौकी भी है। चौकी इंचार्ज प्रदीप नायक कहते हैं अभी धर्मांतरण के मामले में उच्चाधिकारियों का कोई दिशा निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। वैसे यहां इस तरह की कोई गतिविधि भी नहीं है। हम लोग निरंतर चौकसी बरतते हैं। कॉलेज कैंपस में अभी लखनऊ या बस्ती जनपद के किसी पुलिस उच्चाधिकारी या अन्य जांच एजेंसी भी नहीं पहुंची है।


कोट
कॉलेज का कैंपस पूरी तरह सुरक्षित है। पूर्व सैनिक दिन रात परिसर में निगरानी रखते हैं। इसके अलावा परिसर में ही पुलिस चौकी भी है। छात्रों के अभिभावकों का ब्योरा दर्ज करने के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जाता है। कुछ मुस्लिम बच्चे भी अध्ययनरत है। जिनके अभिभावक आते-जाते रहते हैं। कैंपस में बाहरी किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक है। इसके अलावा पुलिस या किसी अन्य जांच एजेंसी के पास कोई क्लू हो तो इसकी जानकारी हम लोगों को नहीं है। वैसे अभी कोई जांच एजेंसी हम लोगों से इस मामले में संपर्क नहीं की है।

-डॉ. मनोज कुमार, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज, बस्ती।
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कोट
बस्ती मेडिकल कॉलेज में धर्मांतरण से संबंधित किसी तरह की गतिविधि होने की फिलहाल अभी कोई जानकारी नहीं है। उच्च स्तर से इस तरह की कोई सूचना भी नहीं है। फिर भी मामले की छानबीन कराई जाएगी।
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कुलदीप कुमार यादव, सीओ रुधौली।
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