बस्ती। दरोगा अजय गौंड़ की बाइक अयोध्या के सरयू पुल से अमहट घाट तक लाने वाले शख्स की पहचान पुलिस ने कर ली है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बाइक लाने वाला शख्स जिले का ही रहने वाला है और उसने दरोगा का मोबाइल अंबेडकरनगर की रहने वाली एक महिला को बेचा था।
वहीं, मंगलवार तक डायटम और विसरा जांच रिपोर्ट भी आ सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द ही पुलिस दरोगा की हत्या और आत्महत्या के राज का पर्दाफाश कर सकती है।
पूरे प्रकरण में महकमे के अधिकारी खुलकर पक्ष रखने लगे हैं। एसपी यशवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि दरोगा की बाइक लाने वाले शख्स की गिरफ्तारी के लिए टीमों को सक्रिय किया गया है। उसके पास दरोगा का पर्सनल मोबाइल भी था जो उसने अंबेडकरनगर जनपद की एक महिला के हाथों बेच दिया। पुलिस ने मोबाइल बरामद कर लिया है। बाइक लाने वाले की गिरफ्तारी के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाने की उम्मीद है। एसपी ने कहा कि, उसकी गिरफ्तारी के बाद यह पता चलेगा कि बाइक उसे कहां और किन हालात में मिली थी और वह अमहट घाट पर बाइक क्यों छोड़ गया। दरोगा के मोबाइल की भी जांच कराई जा रही है।
माना जा रहा है कि पूरे मामले से जुड़े राज से पर्दा उठाने में मोबाइल में मिले साक्ष्य भी पुलिस के लिए कारगर साबित हो रहे हैं। पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों ने जांच की बागडोर अपने हाथों में ले ली है। मातहतों को भी कई बिंदुओं की जांच से अलग कर दिया गया है। अफसरों को अब विसरा और डायटम टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार है।
मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से पुलिस अधिकारी बिना ठोस सबूत के किसी नतीजे को सार्वजनिक करने से परहेज कर रहे हैं। चूंकि दरोगा के एडीएम भाई अरुण कुमार और पत्नी रंजीता शुरू से ही हत्या का आरोप लगा रहे हैं। इसीलिए जांच में डिजिटल, वैज्ञानिक और भौतिक तीनों साक्ष्यों का मिलान करने के बाद ही पुलिस अधिकारी नतीजे पर पहुंचना चाहते हैं ताकि बाद में सीबीआई या अन्य किसी एजेंसी से मामले की जांच हो तो कोई सवाल न उठे। दरोगा के परिजनों से मिलकर लौटे एएसपी : बस्ती पुलिस की ओर से एएसपी श्यामकांत ने दरोगा अजय गौंड़ के देवरिया जनपद के मूड़ाडीह स्थित आवास पर जाकर रविवार को परिवार के लोगों से मुलाकात की। एएसपी ने बताया कि दरोगा के परिजनों की ओर से इस मामले में कई प्रश्न खड़े करने के साथ कुछ मुद्दों पर संदेह भी जताया गया है। उन्हें विश्वास दिलाया गया है कि पुलिस सभी बिंदुओं को अपनी जांच में शामिल करेगी। गहनता से छानबीन और सुसंगत साक्ष्य संकलन के बाद ही पुलिस अपना निर्णय सामने लाएगी। ताकि परिजन जांच प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हों।
यह हैं मामला : परशुरामपुर थाने में तैनात दरोगा अजय गौड़ पांच फरवरी की शाम करीब 4 बजे अचानक लापता हो गए थे। उस दिन उनके पास थानेदार का भी प्रभार था। बस्ती में किराए के मकान में बेटे के साथ रह रही अजय की पत्नी रंजीता का कहना है कि दिन में करीब तीन बजे उनकी पति से बात हुई थी। रात आठ बजे कॉल करने पर फोन बंद मिला। अगले दिन सुबह भी उनकी मोबाइल बंद मिला। तब उन्होंने थाने के एक सिपाही को फोन किया तो पता चला कि वह लापता हैं।
इसके बाद पत्नी ने दिन भर खोजबीन करने के बाद शाम को तहरीर दी और दरोगा की गुमशुदुगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरे दिन दरोगा की बाइक एसपी आवास के निकट अमहट घाट पर लावारिस खड़ी मिली। वहीं आठ फरवरी को 70 किमी दूर अयोध्या सीमा क्षेत्र से सटे छावनी थाना क्षेत्र में सरयू नदी में दरोगा का शव मिला।