कुदरहा के पास पिपरपाती स्थित बी डी बांध पर हो रहा कटान ।
कुदरहा के पास पिपरपाती स्थित वीडी बांध पर अभी 15 अगस्त को दिन में भीषण कटान से लोग उबरे भी नहीं थे कि बुधवार रात अचानक नदी ने फिर अपना रौद्र रूप दिखाकर रात भर जागने पर मजबूर कर दिया। हालांकि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 14 सेमी. नीचे 92.590 मीटर पर आ गया है। लेकिन कटान जोरों पर है।
घाघरा नदी के जलस्तर में आई तेज गिरावट के कारण बुधवार को दिन डूबने के साथ ही कटान शुरू हो गई जो देर रात करीब 11 बजे काफी तेज हो गई। नदी का दबाव भी ठोकर नंबर दो से छह तक बना है। कटान को लेकर बाढ़ खंड के अधिकारियों सहित स्थानीय लोग भी दहशत में आ गए और पूरी रात बंधे पर टहलते रहे। कटान इतनी तेज है कि कि ठोकर छह केवल 10 मीटर ही बची है। मुख्य बंधे के ठोकर संख्या तीन से चार के बीच के बीच मेन बंधे का पूरा स्लोब कट चुका है। बांध में एक तरफ कटान चल रही है वहीं उसे दो मीटर और चौड़ा करने का काम भी शुरू हो गया है। बाढ़ खंड के अवर अभियंता जितेन्द्र कुमार ने बताया कि स्पर संख्या पांच से छह के बीच नदी दबाव बनाए हुए है लेकिन बंधे की स्थित अब कल से ठीक है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक नदी का जलस्तर घटते ही कटान तेज हो गई है। कभी पांच किमी दूर बहने वाली नदी आज दर्जनों गांवों के अस्तित्व मिटाने पर तुली है। कल्याणपुर और भरथापुर, रानीपुर, कठवनिया, भदोई पुरवा में तो यह आबादी के सटकर बह रही है। करीब दो दर्जन घर कभी भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। सतीश पांडेय, हरी सिंह, राजेन्द्र, प्रदीप, मोहन, अवधूसिंह, रामतेज सहित कई घर जो नदी में समा सकते हैं मात्र तीन ठोकरों पर आधा दर्जन मजदूर ही बचाव राहत कार्यों में लगे हैं। ये मजदूर भी जब किसी अधिकारी का निरीक्षण होता है तो काम करते हैं नही तो उनको भी हटाकर बांध पर लगा दिया जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन अगर समय रहते चेत जाता तो दिक्कत नहीं होती।