पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी अर्धविक्षिप्त थी। कई बार घर से भागकर गन्ने के खेत में छिप जाती थी। किसी के भी घर जाकर मांगकर खा लेती थी। जब वह काम पर जाता था तो वह किसी से मोबाइल मांगकर बार-बार फोन करके परेशान करती थी। उसकी हरकतों से समाज में उसकी बहुत बदनामी होती थी। कुछ दिनों पूर्व बच्चों को लेकर मायके चली गई थी।
आरोपी ने बताया कि 26 नवंबर को वह उसे बच्चों के साथ मायके से लेकर आया था। बच्चों को घर छोड़ा तथा पत्नी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर हड़िया गया। वहां से हरदिया पहुंचा, जहां पर उसने शराब पी। फिर उसे मोटरसाइकिल से लेकर सुनसान स्थान की तलाश करते हुए बक्सई घाट के पास पहुंच गया। पत्नी को सीढ़ी पर ले जाकर वहां पड़ी हुई ईंट उठाया और सिर पर वार कर दिया। वह घायल होकर बेहोश हो गई। ईंट से सिर कुचल दिया और जिंदा होने की संभावना एकदम न रहे, इसलिए ब्लेड से गले पर भी वार कर दिया था।
रुधौली थाने में दर्ज कराई थी गुमशुदगी: आरोपी राजेंद्र ने बताया कि हत्या के बाद ससुराल के लोग पत्नी के बारे में पूछने लगे तो झूठ बोल दिया कि वह 30 नवंबर को सुबह भोर में ही उठकर कहीं चली गई। इस संबंध में कोई शक न करे, इसलिए 10 दिसंबर को रुधौली थाने में पत्नी के लापता होने की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी।