फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: पांच दिन बाद खुला हाईवे, दौड़ने लगे वाहनों के पहिए

विज्ञापन
कांवड़ यात्रा के बाद हाईवे पर सामान्य हुआ यातायात संवाद
विज्ञापन
बस्ती। कांवड़ मेला समाप्त होने के साथ मंगलवार शाम पांच बजे पांच दिन बाद हाईवे पर वाहनों का आवागमन बहाल कर दिया गया। कांवड़ियों की भीड़ कम होने के बाद पुलिस ने पॉलिटेक्निक और फुटहिया चौराहे से छोटे-बड़े वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाना शुरू किया। कई दिनों से हाईवे पर खड़े लखनऊ, कानपुर और दिल्ली जाने वाले वाहनों के पहिए घूमे तो कुछ ही देर में दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
विज्ञापन

आवागमन का दबाव बढ़ने के कारण हाईवे के कई हिस्सों और प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रहकर भारी वाहनों को धीमी गति से निकलवाना पड़ा। कोतवाली क्षेत्र के मड़वानगर और छावनी क्षेत्र के चौकड़ी टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। टोल पार करने में भी वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा।यातायात प्रभारी कुलदीप त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार है। आवागमन सामान्य होने में आठ से 10 घंटे लग सकते हैं। जाम न लगे, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
कांवड़ यात्रा को लेकर सात अगस्त की शाम से बस्ती-अयोध्या हाईवे पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया था। छोटे-बड़े वाहनों के साथ ही व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गई थी। इससे हाईवे से जुड़े बाजारों पर भी असर पड़ा। मंगलवार को कप्तानगंज, हर्रैया, छावनी और विक्रमजोत कस्बों में अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। रोडवेज की अधिकांश बसें और निजी टैक्सी वाहन भी हाईवे बंद होने के कारण खड़े रहे।
विज्ञापन

मंगलवार सुबह तक अधिकांश कांवड़िए भद्रेश्वरनाथ समेत जिले के विभिन्न शिवालयों में पहुंच चुके थे। इसके बाद अयोध्या की ओर से आने वाले कांवड़ियों की संख्या काफी कम हो गई। दोपहर बाद मंदिरों से जलाभिषेक कर कांवड़िए अलग-अलग मार्गों से अपने घरों को लौटने लगे। भीड़ कम होने पर पुलिस ने शाम पांच बजे हाईवे खोल दिया।
-
दो दिन नहीं पहुंची जरूरी सामान की खेप
कांवड़ यात्रा के कारण सोमवार और मंगलवार को जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित रही। अयोध्या, बाराबंकी और आंबेडकरनगर समेत आसपास के जिलों से आने वाले दूध, दही, पनीर, ब्रेड, फल और सब्जियों की गाड़ियां नहीं पहुंच सकीं। इससे सब्जी मंडी में भी आवक कम रही। फल एवं सब्जी के थोक विक्रेता फिरोज ने बताया कि लखनऊ, कानपुर और अयोध्या से रोज आने वाली फल-सब्जियों की गाड़ियां दो दिन से नहीं पहुंची हैं। रास्ता खुलने के बाद बुधवार से मंडी में आवक बढ़ने की उम्मीद है। वहीं दूध कारोबारी दयाशंकर ने बताया कि अयोध्या से दूध, दही और पनीर की आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्राहकों को लौटाना पड़ा।
-
शहरवासियों को भी मिली राहत
कांवड़ियों की भीड़ कम होने के बाद मंगलवार दोपहर से शहर में भी आवागमन सामान्य होने लगा। देर शाम सिविल लाइंस, कंपनीबाग और कचहरी चौराहे से बोल्डर हटाकर बैरिकेडिंग समाप्त कर दी गई। इसके बाद भूअर, पुराना डाकखाना, खौरहवा, बेलगड़ी, मिश्रौलिया, कृष्णा भगौती और सोनूपार समेत आसपास के लोगों का आवागमन सुचारू हो गया। शाम ढलने के साथ सिविल लाइंस, कंपनीबाग और कचहरी चौराहे पर शहरवासियों की चहल-पहल भी बढ़ गई। कई दिनों से प्रतिबंधित रास्ते खुलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। कांवड़ियों की भीड़ मंगलवार शाम तक काफी कम हो गई थी। इसके बाद हाईवे पर आवागमन बहाल किया गया है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस अभी सक्रिय है। हाईवे से जुड़े कस्बों में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। बुधवार सुबह तक हाईवे पर आवागमन पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।
कोट
कांवड़ियों की भीड़ मंगलवार शाम तक काफी कम हो गई थी। सुरक्षा को देखते हुए हाईवे पर पुलिस की तैनाती जारी है। अगले दिन सुबह तक आवागमन पूरी तरह सुचारू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

-श्यामकांत, एएसपी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें