ग्राहक सेवा केन्द्र में चोरी के बाद पूछताछ करने पहुंची टीम पर पिटाई के आरोप के बाद पूरी एसओजी टीम निलंबित
बस्ती। ग्राहक सेवा केंद्र में चोरी के बाद पूछताछ के लिए पहुंची टीम पर संचालक ने पिटाई का आरोप लगाया है। जिसे गंभीरता से लेते हुए एसपी आशीष श्रीवास्तव ने रविवार को जिले की एसओजी प्रभारी समेत पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। साथ ही क्राइम ब्रांच के एंटी नारकोटिक्स और एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम को भंग कर दिया है। पूरे मामले की जांच एएसपी को सौंपी गई है। एसपी ने बताया कि जल्द नई टीम का गठन किया जाएगा।
इस संबंध में छावनी थाना क्षेत्र के धिरौली पांडे गांव निवासी अमित सिंह ने एसपी को शिकायती पत्र देकर विक्रमजोत चौकी इंचार्ज और जिले के एसओजी टीम पर प्रताड़ित करने व धमकी देने का आरोप लगाया था। अमित सिंह के मुताबिक विक्रमजोत बाजार में पुलिस चौकी के पीछे उनका ग्राहक सेवा केंद्र है। 23 जुलाई और तीन अगस्त को दो बार रात में उनकी दुकान का ताला तोड़कर चोरी हुई। पहली बार तो दुकान में नगदी न होने के कारण कोई चोरों के हाथ कुछ नहीं लगा लेकिन, दूसरी बार तीन अगस्त को गल्ले में रखे 12 हजार 850 रुपये चोरी होने की बात बताई गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की।
आरोप है कि पहले चौकी इंचार्ज ने केंद्र संचालक और उनके सहयोगियों से पूछताछ की। शनिवार की दोपहर मामले की छानबीन करने एसओजी टीम विक्रमजोत पहुंची। अमित का आरोप है कि एसओजी टीम ग्राहक सेवा केन्द्र पर दो वर्ष से काम करने वाले रिश्ते के भाई आनंद सिंह निवासी भभुवा जिला गोंडा को पूछताछ के लिए चौकी पर ले गई। जहां आरोप कबूल कराने के लिए काफी पिटाई की गई। जिसमें उसे काफी चोटें आईं।
पिटाई की सूचना पर गांव और कस्बे के तमाम लोग चौकी पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। इस दौरान डीजीपी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को फोन से मामले की जानकारी दी गई तो मौके पर थानाध्यक्ष उमाशंकर त्रिपाठी पहुंच गए। एसओ ने परिवार वालों की मांग पर युवक को छोड़ दिया। घायल आनंद को परिजन पहले सीएचसी ले गए और फिर जिला अस्पताल अयोध्या में भर्ती कराया गया।
रविवार को केंद्र संचालक ने एसपी से मिलकर शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज विक्रमजोत व एसओजी मिलकर शिकायतकर्ता और उनके सहयोगियों को प्रताड़ित कर जुर्म कबूल करवाने का दबाव बना रहे हैं। पुलिस की पिटाई से रिश्तेदार आनन्द सिंह के पैर, पीठ में अधिक चोटें आई हैं। घर पर भी पुलिस वाले आकर अपशब्द कहते हुए धमकी दे रहे हैं। प्रथम दृष्टया आपत्तिजनक हरकत पाए जाने पर एसपी ने एसओजी टीम को निलंबित कर दिया।
हफ्ते भर में दूसरा मामला
पिछले सप्ताह ही कोतवाली थानाक्षेत्र में इसी तरह का एक और मामला सामने आया था। जिसमें जिले की स्वाट टीम पर किशोर को घर से पकड़कर ले जाने और कोतवाली में चार दिन रखकर पिटाई का आरोप लगा था। प्रकरण संज्ञान में आने पर एसपी ने स्वाट टीम को भंग कर दिया था।