परशुरामपुर क्षेत्र में चौरासी कोसी परिक्रमा के श्रद्धालु सड़क हादसे में घायल को अस्पताल ले जाते
24 अप्रैल से 14 मई तक अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा
जत्थे में शामिल पिकअप की चपेट में आने से तीन संतों की हुई मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/परशुरामपुर। 21 दिन से चल रही 84 किमी की पैदल यात्रा संपन्न होने के बाद सभी साधू-संत थककर चूर थे। सबने मखभूमि मखौड़ा में रात्रि-विश्राम तो किया था, लेकिन इतनी लंबी परिक्रमा की थकान शरीर पर हावी थी। बृहस्पतिवार को तड़के जत्था अयोध्या के लिए फिर निकल पड़ा। जत्थे के पीछे साधू-संतों के कपड़े व अन्य सामग्री लादकर किराए पर लाई गई चार पिकअप धीरे-धीरे चल रही थी। हिरासत में लिए गए चालक ने पुलिस को बताया कि स्टेयरिंग पर बैठे-बैठे कुछ पल की झपकी आ गई। तभी अचानक साधू-संत चिल्लाने लगे।
वैशाख कृष्ण प्रतिपदा तदनुसार 24 अप्रैल को सुबह छह बजे मखभूमि मखौड़ा से परिक्रमा शुरू हुई थी। इसमें अलग-अलग जत्थों में हजारों साधू-संत परिक्रमा में निकले थे। अयोध्या के संत गयादास के नेतृत्व में करीब 120 साधुओं का जत्था भी शामिल हुआ था। सभी संत वैसाख शुक्ल पक्ष सप्तमी मंगलवार 14 मई को परिक्रमा पूरी कर मखौड़ा धाम पहुंचे। बुधवार सुबह हवन-पूजन करके गया दास की टोली अयोध्या के लिए निकल पड़ी। सुबह करीब 6:30 बजे क्षेत्र के रायपुर बाजार में हादसा हो गया।
हादसे के बाद वहां अफरातफरी मच गई। आसपास के लोग भी पहुंच गए और किसी को कुछ नहीं सूझा तो पुलिस को खबर की गई। हालांकि, पुलिस ने जितनी जल्दी हो सका, एंबुलेंस बुलवाकर घायल राम मिलन पाल (50) निवासी भागीपुर जनपद अयोध्या, अच्छेलाल (49) व रामभजन पाल निवासी डिगुरी थाना पनियरा जिला महराजगंज को श्रीराम अस्पताल अयोध्या भेजा। तब तक काफी रक्तस्राव रहो चुका था। कुछ देर बाद ही डाॅक्टर ने तीनों संतों को मृत घोषित कर दिया।