दुबौलिया। थाना क्षेत्र की अशोकपुर ग्राम पंचायत के सोलह नंबर पूरवा में बृहस्पतिवार को तीन घरों में हुई चोरी की गुत्थी को पुलिस ने कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं की, बल्कि इस वारदात को घर की एक बेटी ने ही अंजाम दिया। उसके मिट्टी में गाड़े गए जेवर, भूसे में छिपाए 53 हजार रुपये पुलिस ने ढूंढ निकाले हैं।
सीओ प्रदीप कुमार तिवारी ने बताया कि परिवार की 20 वर्षीय युवती भारती ने चोरी की साजिश रचकर जेवरात मिट्टी में गाड़ दिया था और नकदी भूसे में छिपा दी थी। पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया है। गांव निवासी धर्मेंद्र निषाद, उनके भाई राम सुधार और राम नवल परिवार सहित चाचा के लड़के की तेरही में शामिल होने छिछनापुर (आंबेडकरनगर) गए थे। घर में केवल उनकी मां और राम नवल की बेटी भारती मौजूद थी।
बृहस्पतिवार की दोपहर जब पूरा परिवार लौटा तो देखा कि तीनों घरों में अलमारी और बक्से टूटे पड़े हैं, और नकदी व जेवरात गायब हैं। इससे परिवार के लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर दुबौलिया थाने से एसआई अजय कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार राय टीम के साथ पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जब पूछताछ की गई तो भारती ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस द्वारा बताए अनुसार, बरामदे के एक कोने में मिट्टी में गाड़े गए जेवरात और भूसे में छिपाकर रखे गए 53 हजार रुपये देर रात बरामद कर लिए गए।
हालांकि भारती के चोरी स्वीकारने और सबूत मिलने के बाद परिजनों ने तहरीर नहीं दी।