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Basti News: न्यायालय ने माना दरोगा ने की थी खुदकुशी, हाईकोर्ट जाएंगे परिजन

Mon, 08 Jun 2026 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती। दरोगा अजय गौड़ की मौत के मामले में स्थानीय न्यायालय भी हत्या मानने से इन्कार कर दिया है। सीजेएम चौधरी संदीप सिंह ने दरोगा की पत्नी रंजीता की तरफ से पति की हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की अर्जी को खारिज कर दिया है।
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सुनवाई के दौरान साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने भी दरोगा की खुदकुशी को ही सही ठहराया है। वहीं, दरोगा के छोटे भाई झांसी एडीएम अरुण कुमार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। इस मामले में पुलिस पहले ही डिजिटल, भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दरोगा के नदी में कूदकर आत्महत्या करने की पुष्टि कर चुकी है।
दरोगा के परिजन पुलिस के खुदकुशी के दावे पर शुरू से ही संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस की ओर से आत्महत्या साबित करने की कार्रवाई पर दरोगा के एडीएम भाई अरुण कुमार, दरोगा की पत्नी रंजीता एवं परिवार के अन्य सदस्य संदेह व्यक्त करते रहे। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर दरोगा की मौत प्रकरण का खुदकुशी बताकर पटाक्षेप कर दिया तो पत्नी ने स्थानीय न्यायालय की शरण ली। पत्नी ने अर्जी दाखिल कर बताया कि उनके पति अजय गौड़ की हत्या की गई है।
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पत्नी के अनुसार, 5 फरवरी को जब वह तैनाती स्थल परशुरामपुर थाने से लापता हुए थे तब उनके पास थानाध्यक्ष का प्रभार था। इसके दो दिन पहले तीन फरवरी को उनकी पति से बात हुई थी, तब उन्होंने कहा था कि उन्हें गलत थाना मिल गया है। लापता होने के दिन 5 फरवरी को दोपहर तीन बजे भी उन्होंने पति को काॅल किया था। उन्होंने बाद में बात करने को कहकर फोन काट दिया। इसके बाद जब उसी रात 8:30 बजे के करीब दो बार फोन किया तो पति का मोबाइल स्वीच ऑफ मिला था। उनके पास थानाध्यक्ष का सीयूजी नंबर भी था।
पत्नी के अनुसार, पति के थाने से गायब होने की जानकारी अगले दिन 6 फरवरी को सुबह नौ बजे थाने के सिपाही को फोन करने पर हुई। इसके बाद उन्होंने खोजबीन शुरू की। देर शाम उनके पति की बाइक अमहट घाट के निकट से बरामद हुई। वहीं, थाने से जानकारी दी गई कि सीसीटीवी फुटेज में पति के थाने से निकलते समय वहां काम करने वाला पंकज उनकी बाइक पर पीछे बैठा हुआ था।
पत्नी रंजीता ने कहा कि उनके पति को धमकियां भी मिली थीं। अगले दिन परिजनों के साथ थाने पहुंची। संबंधित कर्मचारी पंकज बात करने के दौरान घबराने लगा। उसकी काॅल डिटेल भी मोबाइल से गायब मिली। डिलीट करने का कारण पूछने पर वह सही जवाब नहीं दिया। चार दिन बाद 9 फरवरी को उनके पति का शव सीतारामपुर माझा के पास सरयू नदी से मिला था। न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद दरोगा के नदी में कूदने से मौत की वजह मानते हुए पत्नी की अर्जी खारिज कर दी है।
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