हर्रैया। कस्बे के रामलीला मैदान में चल रही रामलीली में शुक्रवार को वृंदावन से आए कलाकारों ने रावण की तपस्या और भगवान श्रीराम के जन्म का मंचन किया। भगवान राम के जन्म का दृश्य देखकर श्रद्धालु दर्शक हर्षित हुए।
कलाकारों ने दिखाया कि किस प्रकार रावण ने कठोर तपस्या कर भगवान ब्रह्मा और शिव को प्रसन्न किया। इस तपस्या के फलस्वरूप उसे अपार ज्ञान और शक्ति प्राप्त हुई। इसी दौरान रावण को दस सिर का वरदान मिला, जो शास्त्रों और वेदों में निपुणता का प्रतीक है। इसके बाद मेघनाद ने अपनी मायावी शक्तियों और अस्त्र-शस्त्रों से देवताओं को परास्त कर इंद्रजीत की उपाधि प्राप्त की।
ब्रह्मा ने उसे चेतावनी दी कि निकुंभला यज्ञ के बीच में जो भी विघ्न डालेगा, वही उसकी मृत्यु का कारण बनेगा। राम जन्म के मंचन में भगवान विष्णु ने त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर पुत्र रूप में जन्म लिया। संवाद