सल्टौआ। क्षेत्र के गौहनिया में वर्ष 2008-09 में बना पशु चिकित्सा केंद्र का भवन जर्जर हो गया है। इस केंद्र पर आज तक किसी कर्मचारी की तैनाती नहीं हो पाई। यह केंद्र ग्रामीणों के लिए खरपतवार रखने का स्थान बन गया है। हसनापुर, सेखुईया, लेदवा, अमरौली सुमाली, चिर्रैयाडांड, रामनगर, बनजरिया, लपसी, चौकवा, रेहार जंगल आदि गांवों के अधिकतर लोगों का पशुपालन ही रोजी रोटी का साधन है। पशुपालक भोला सोनकर, शिवकुमार, बलिराम, पुनर्वासी, काशीराम, रत्नेश ने पशु चिकित्सक की तैनाती की मांग की। वीओ डॉ. विजय श्रीवास्तव का कहना है कि इस अस्पताल को राजकीय पशु चिकित्सालय सल्टौआ से संबद्ध किया गया है। पशु पालक आवश्यकता पड़ने पर वहां पशुओं का उपचार करा सकते हैं। संवाद