बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर प्रदेश में अधिवक्ताओं की हत्या एवं उत्पीड़न के विरोध में सोमवार को अधिवक्ता कार्य से विरत रहे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
बार एसोसिएशन चंदौली के पूर्व अध्यक्ष जय नरायन सिंह व उनके अधिवक्ता पुत्र की 15 जनवरी को हुई हत्या के विरोध में बार कौंसिल के उपाध्यक्ष कुमारी दरवेश सिंह ने संज्ञान में लेते हुए प्रदेश भर के अधिवक्ताओं से विरोध दिवस का आह्वान किया था। इस कड़ी में जिले के सिविल बार, जनपद बार, यंग बार व कमिश्नर्स बार ने प्रस्ताव पारित कर विरोध की रणनीति बनाई और कार्य बहिष्कार किया।
यंग बार के अध्यक्ष भानु प्रताप शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। 15 जनवरी को हुई घटना के अलावा सुल्तानपुर के अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह, आजमगढ़ के राजनारायण, मुन्नी लाल, सिंहासन यादव की भी बदमाशों ने हत्या कर दी। इन घटनाओं के बाद भी पुलिस व प्रशासन चुप्पी साधे है, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। जनपद बार के महामंत्री मारुत कुमार शुक्ल ने घटना की निंदा करते हुए आक्रोश व्यक्त किया। पूर्व महामंत्री रवि शरन सिंह एवं पूर्व अध्यक्ष जवाहर लाल मिश्र ने मांग उठाई कि मृतक अधिवक्ताओं के आश्रितों को आर्थिक सहायता व सुरक्षा मुहैया कराई जाए अन्यथा प्रदेश के अधिवक्ता उग्र आंदोलन को विवश होंगे। इस मौके पर अवधेश चंद्र श्रीवास्तव, तारकेश्वर नाथ लाल, वीरेंद्र कुमार द्विवेदी, प्रभात कुमार श्रीवास्तव, शिवनाथ चौधरी, कौशलेंद्र पाल, ओपी सिंह, राम सुमेर यादव, नरेंद्र नाथ श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार, शिवपूजन पांडेय, राजकुमार द्विवेदी, बृजेंद्र बहादुर श्रीवास्तव, सुमेश्वर प्रसाद यादव, रमेश चंद्र श्रीवास्तव सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।