हौसला पोषण मिशन के तहत गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पौष्टिक आहार, फल, दूध और देशी घी दिए जाएंगे। मिशन का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों में कैलोरी, प्रोटीन और माइक्रो न्यूट्रियंट की कमी को पूरा करना है। हौसला पोषण मिशन प्रदेश में चार चरणों में लागू होना था। चौथे चरण में 10 अगस्त को बस्ती में इसे लागू किया जाएगा है।
मिशन के तहत सबसे पहले महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और संबधित ग्राम प्रधान के नाम से संयुक्त खाता खुलवाया जा रहा है। इस खाते में ही हौसला पोषण मिशन के तहत कार्यक्रम संचालित करने के लिए धनराशि भेजी जाएगी। धनराशि मिलने के बाद संबधित आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं को दोपहर का खाना महीने में 25 दिन तक खिलाया जाएगा। भोजन बनवाने का दायित्व प्रधान का होगा। गर्भवती महिला को खाने के बाद एक फल दिया जाएगा। खाने में तीन दिन दूध या फिर दही शामिल किया जाएगा।
वहीं अतिकुपोषित बच्चों के लिए खाने में प्रतिदिन खाने में 20 ग्राम देशी घी, एक फल और शाम को नाश्ता दिया जाएगा। उन्हे हाट कुक्ड के मीनू के अनुसार ही भोजन मिलेगा। गर्भवती महिलाओं को खाने के बाद प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयरन की गोली दी जाएगी।