बस्ती। साध्वियों के यौन शोषण व सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी कथित बाबा सच्चिदानंद पर दर्ज दो मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार की अदालत में गवाहों का बयान चल रहा है। इस मामले में 19 मार्च को गवाही की तारीख तय की गई है।
वर्ष 2017 में कोतवाली थाने में पुलिस ने सच्चिदानंद उर्फ दयानंद, परम चेतनानंद सहित पांच आरोपियों पर सामूहिक दुष्कर्म, बंधक बनाने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। बाद में सच्चिदानंद उर्फ दयानंद, परम चेतनानंद उर्फ पंकज भाई पटेल, प्रमिला बाई व कमला बाई पर भगोड़ा होने का केस दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किया था। इससे पहले की तारीख पर एक पीड़िता ने स-शपथ बयान दिया कि आरोपी सच्चिदानंद का उसके गांव के पास सत्संग का शिविर चल रहा था। उसी दौरान पहचान हुई थी। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि सत्संग व प्रवचन के नाम पर महिलाओं और कम उम्र की लड़कियों को आश्रम में बुलाया जाता है। उनमें से पसंद की लड़कियों को साध्वी का दर्जा देकर आश्रम में रख लिया जाता है। उन्हें अनुष्ठान के जरिए विशेष कृपा दिलाने का दिलासा देते थे। उनका विश्वास जीतने के बाद दिल्ली स्थित आश्रम के मुख्यालय अथवा यहां के कथित बाबा व चेलों के निर्देश पर उन्हें अलग-अलग शहरों में प्रवचन- सत्संग के बहाने भेजकर उनका यौन शोषण किया जाता है। संवाद