महिला अस्पताल में एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगने के बाद बिगड़ थी गई 55 प्रसूताओं की हालत
इंजेक्शन की गुणवत्ता पर था संदेह, ड्रग इंस्पेक्टर ने खुद पहुंचाई थी लैब में सेंपल
संवाद न्यूज एजेेंसी
बस्ती। जिला महिला अस्पताल में 27 जुलाई को एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगने के बाद 55 प्रसूताओं की हालत बिगड़ने का मामला 17 दिन बाद भी नहीं सुलझा। इसकी चपेट में आईं प्रसूताएं डिस्चार्ज होकर घर चली गईं। लेकिन, अचानक उनकी हालत क्यों बिगड़ी यह स्पष्ट नहीं हो सका। अफरा-तफरी के बीच डीएम ने संबंधित इंजेक्शन की गुणवत्ता जांच कराने के निर्देश दिए। इंजेक्शन का सेंपल लेकर ड्रग इंस्पेक्टर खुद अगले दिन वाराणसी प्रयोगशाला पहुंचे। बावजूद इसके जांच रिपोर्ट अब तक नहीं पहुंची है।
महिला अस्पताल में प्रसूताओं की हालत बिगड़ने का प्रकरण डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला वाराणसी की रिपोर्ट पर टिका हुआ है। इससे इतर अन्य किसी पहलू पर खामियां नहीं मिली थीं। उस दिन आधी रात तक अस्पताल में डीएम समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी रही। उस समय जिस एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगने के बाद प्रसूताओं की हालत बिगड़ी थी उसकी गुणवत्ता पर संदेह जताया गया था।
अस्पताल में उपलब्ध संबंधित इंजेक्शन की सेंपलिंग कराई गई। अगले दिन औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार खुद सेंपल के साथ वाराणसी प्रयोगशाला पहुंचे। इसे जमा कर वह लौट भी आए हैं। तभी से विभाग प्रयोगशाला से रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहा है।
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आज आ सकती हैं रिपोर्ट
वाराणसी प्रयोगशाला में भेजे गए सेंपल की रिपोर्ट 13 अगस्त को उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए एक सप्ताह पहले डीएम के निर्देश पर प्रयोगशाला से पत्राचार भी किया गया था। औषधि निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि प्रयोगशाला में वार्ता की गई है। 13 अगस्त तक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।