बनकटी। ब्लाॅक मुख्यालय सहित दर्जनों गांवों में लंगूर के आतंक से राहगीर व स्थानीय लोग भयभीत हैं। यहां तक कि खड़ी बाइक, खेतों में साग-सब्जी सहित व छतों पर सामान बचाना चुनौती बन गई है।
क्षेत्र के रौतापार, कोहड़वा, रामपुर रेवटी, भैंसा पांडेय, मनिकौरा कला, पगार, सजनाखोर, ब्लाॅक कार्यालय सहित अन्य गांवों में बंदरों का आतंक फिर बढ़ गया है। राहगीर और बच्चे निकलने से डर रहे हैं।
रौतापार के अजय कुमार चौधरी ने बताया कि लंगूर शीशे वाली वस्तुओं पर हमला करता है। घर में घुसकर वह टीवी ,खड़ी बाइक, खिड़की आदि के शीशे तोड़ देते हैं।
अगर कोई भगाना चाहता है या उनके करीब जाने का प्रयास करता है, उन पर वह हमलावर हो जाने हैं। परशुराम यादव , राम सिंह ने बताया कि दरवाजे पर व छतों पर सामान व साग-सब्जी, मकई आदि नुकसान कर रहे हैं। राजेश चौधरी, अनवर शाह, मनीष पांडेय आदि प्रधानों ने बताया कि ब्लॉक मुख्यालय पर बिना डंडे के परिसर में आना जाना मुश्किल है। गौरी, भरवलिया, बजहा आदि गांवों में कई लोग बंदरों के शिकार हो चुके हैं।
प्रधान राजेंद्र चौधरी, मुरली धर शुक्ला, परशुराम यादव, अमित चौधरी, आशुतोष पटेल, अनिल कुमार सहित ब्लॉक कर्मियों व ग्रामीणों ने बंदर को पकड़वाने की मांग की है।
वन विभाग के रेंजर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्हें पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।