बस्ती। गुरुवार को ठंड ने अपनेे तेवर कड़े करते हुए लोगों को बेदम कर दिया।
न्यूतमम पारा गिरकर छह डिग्री तक जा पहुंचा। इससे लोगों की दिनचर्या बुरी
तरह प्रभावित हुई। गलन के चलते लोगों की हाड़ कांप गई। सबसे अधिक दिक्कत
छोटे बच्चों को हुई। बाल रोग विशेषज्ञों के यहां भीड़ रही। सार्वजनिक
स्थानों पर इक्के-दुक्के लोग आ-जा रहे थे। अधिकतर लोग ठंड से बचने की जतन
करने में जुटे रहे।
गुुरुवार को सुबह गलन अधिक रही। रात भर चली
हवाओं ने सुबह लोगों को देर तक बिस्तर में दुबके रहने को विवश कर दिया।
दोपहर तक हल्की हवाओं ने जीना और मुहाल कर दिया। इसके चलते सड़कों पर चहल
पहल कम दिखी। सार्वजनिक स्थानों पर जैसे रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, जिला और
महिला अस्पतालों में भीड़ न के बराबर रही।
अस्पताल के वार्ड में भी
एक्का दुक्का मरीज देखने को मिले। जिला अस्प्ताल के ओपीडी में मासूमों की
तादाद ज्यादा रही। बालरोग विशेषज्ञ डॉ पीके चौधरी, डॉ वीके यादव के कक्षों
में भीड़ रही। डॉक्टरों ने बच्चों को ठंड से बचाने की नसीहत दी। दो बजे के
बाद बादलों के बीच से सूर्य करीब आधे घंटे के लिए निकले तो लोगों को राहत
मिली।
हालांकि शाम ढलते ही फिर गलन बढ़ने से लोग घरों में दुबकने
को विवश हो गए। बाजार में निकले लोग स्वेटर, जैकेट, मफलर, टोपी से अपने को
कसे रहे। ऊनी कपड़ों के दुकान पर लोग जैकेट, दस्ताने, मफलर, मोजे की
खरीदारी करते दिखे। वहीं इलेक्ट्रिक उपकरणों की दुकान पर हीटर और ब्लोअर की
खूब बिक्री हुई। शाम को बाजार में आए लोग जल्द से जल्द अपना काम निपटाकर
घर की ओर निकलने की तेजी में दिखे।
अलाव बना ठंड से बचाव का सहारा
बस्ती।
नगर पालिका की ओर से शहर के गांधीनगर, जिला अस्पताल चौराहा, रोडवेज
तिराहा, कंपनीबाग, महिला अस्पताल के गेट और इमरजेंसी के बाहर, मालवीय रोड,
रंजीत कालोनी चौराहा, कटरा, तहसील परिसर, कचहरी परिसर आदि चिन्हित 28
स्थानों के अलावा अन्य जगहों पर अलाव जलवाए जा रहे हैं। घरों में लोगों ने
हीटर और ब्लोअर के अलावा अलाव सेंकने को मजबूर हैं। ईओ डॉ आरपी श्रीवास्तव
ने बताया कि वे शाम को अलाव का निरीक्षण कर रहे हैं।
बाजार में अलाव जलाने की मांग
दुबौलिया।
कस्बे में ठंड बढ़ने से शाम होते ही सन्नाटा दिखाई देने लगा है। क्षेत्र
के चिलमा बाजार, दुबौलिया, विशेषरगंज, शुकुलपुरा, पैकापुर में तहसील
प्रशासन के तरफ से अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं। गांव से बाजार आए लोग इसके
चलते शाम होते ही घर चले जा रहे हैं। इससे बाजार सूना हो गया है। सामान
खरीदने के बाद जल्द ही घर पहुंचकर कर अलाव का सहारा ले रहे हैं।
गांव
में अलाव जला कर शरीर को गर्म कर रहे हैं। बाजार में न आने वाले लोग अलाव न
जलने से सर्दी के शिकार हो जाते हैं। क्षेत्र के प्रेमनाथ सिंह, विश्वनाथ
गुप्ता, अनिल सिंह, हरिशंकर पांडेय, वीरेंद्र सिंह, बृजेश सिंह, विजयपाल
चौधरी ने बाजार में अलाव जलाए जाने की मांग की है।