नगर बाजार (बस्ती)। रासायनिक खेती के दुष्परिणामों से बचने के लिए प्राकृतिक खेती एक सशक्त और प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यह बात कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डाॅ. पीके मिश्र ने कही। वह नेशनल मिशन ऑन ऑर्गेनिक फार्मिंग के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र में पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के लाभ बताए। कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं टिकाऊ खेती के विकल्पों को अपनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। शिक्षण कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान एवं मास्टर ट्रेनर राजेंद्र सिंह एवं राममूर्ति मिश्रा ने खेती की पारंपरिक तकनीकों के साथ-साथ आधुनिक प्राकृतिक विधियों के समन्वय पर जोर दिया। केंद्र के वैज्ञानिक आरबी सिंह ने बीज शोधन की तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी। गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अंजली वर्मा ने प्राकृतिक पोषण वाटिका के प्रबंधन विषय पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका के माध्यम से परिवारों की सब्जी एवं पोषण आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सकती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बीबी सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक, तकनीकी कर्मचारी, कृषि सखियां एवं स्थानीय कृषक उपस्थित रहे।