लेखपालों को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहे जाने से चारों तहसीलों के लेखपाल मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी करते रहे। सभी तहसील मुख्यालयों में एक साथ धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को देकर कार्रवाई मांग की है।
सदर तहसील अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुए धरने का संचालन तहसील मंत्री धर्मेंद्र कुमार ने किया। नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण व सम्मानित संवर्ग है। कई समस्याओं के बीच लेखपाल अपने काम को अंजाम देता है। इस सबसे बावजूद अगर सरकार का कोई कैबिनेट मंत्री लेखपाल संवर्ग को लेकर कोई अशोभनीय बयान देता है, तो उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। इस दौरान जुगुल किशोर वर्मा, गंगा श्रीवास्तव, विजय श्रीवास्तव, रविंद्र प्रसाद, हरिओम, शंकर, शिवमूरत, अजय श्रीवास्तव, जमील अहमद, अनिल मिश्र, महेंद्र प्रताप सिंह, रामप्रताप सिंह, जियालाल, विनोद गुप्त, राकेश कुमार, अवधेश भारती आदि मौजूद रहे।
भानपुर प्रतिनिधि के मुताबिक लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष रणवीर सिंह की अध्यक्षता व मंत्री बालकृष्ण उपाध्याय के संचालन में तहसील दिवस का बहिष्कार किया गया। इस दौरान नगर विकास मंत्री आजम खां के प्रति निंदा प्रस्ताव पारित कर विरोध जताया। लेखपालों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सुरेश चंद्र शर्मा को देकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान इद्रंमणि तिवारी, वीरेन्द्र चौधरी, कृष्ण चद्रं चौधरी, मर्तीउरहमान, राजेन्द्र मिश्रा, रफीक अहमद, विनोद चौधरी, शिवराम, अब्दुल कलाम, प्रेम प्रकाश, मोहित श्रीवास्तव अरूण कुमार आदि रहे।
हर्रैया प्रतििनिधि के मुताबिक लेखपालों ने मंत्री के अमर्यादित टिप्पणी की निंदा की और कार्य बहिष्कार कर मांगों का ज्ञापन एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह को सौंपा। तहसील अध्यक्ष रमेश चंद्र ने कहा कि समाज मेे लेखपालों की छवि साफ सुथरी है मगर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री की टिप्पणी से समूचा लेखपाल संवर्ग आहत व अपमानित महसूस कर रहा है। जिलाध्यक्ष राम सुमेर ने कहा कि लेखपालों की गरिमा को ठेस पहुंची है। संगठन के मंत्री सतीश श्रीवास्तव ने भी बयान की निंदा की। इस दौरान श्याम लाल, अयोध्या प्रसाद, मुकेश कुमार, राजेश्वरी प्रसाद उपाध्याय, बब्बन पांडेय, नंद किशोर श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद रहे।
रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों ने संघ के अध्यक्ष विद्याधर द्विवेदी के नेतृत्व में तहसील परिसर में बैठक कर आजम के बयान की निंदा की। बैठक का संचालन मंत्री अंजनी नंदन ने किया।
सभी लेखपालों ने अध्यक्ष के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसील दिवस में उपस्थित सीडीओ सोबरन सिंह, एसडीएम चन्द्रशेखर मिश्र को ज्ञापन दिया। इस दौरान बुद्धि सागर पांडेय, महेन्द्र गुप्ता, अनंतधर द्विवेदी, प्रशांत बाबू, दीनानाथ शुक्ल, कनिक राम चौधरी समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।