टीबी अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम।
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घर-घर जाकर टीबी रोगियों को खोजेंगी टीमें
बस्ती। डीएम आशुतोष निरंजन ने टीबी अस्पताल का निरीक्षण कर शनिवार से शुरू सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान का जायजा लिया। टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के क्षय रोगी को गोद लिया जाएगा। इस दौरान टीमें घर-घर जाकर टीबी रोगियों का पता लगाएंगी।
डीएम ने निर्देश दिए कि टीम टैली शीट भरने के बाद ही घर-घर मार्किंग भी करेगी। सभी एमओआईसी तथा सुपरवाइजर क्षेत्र में प्रतिदिन भ्रमण करेंगे तथा अभियान का जायजा लेकर शाम को रिपोर्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि टीबी रोग एक गंभीर बीमारी है। देश को 2025 तक टीबी मुक्त करना है। इसके लिए टीबी रोग से ग्रसित मरीजों को गंभीरतापूर्वक चिह्नित करना होगा।18 वर्ष से कम आयु के टीबी रोगियों को एक व्यक्ति की ओर से गोद लेने के अभियान की शुरुआत भी की गई है। गोद लिए गए टीबी रोगी को नियमित दवा खिलाना तथा पौष्टिक आहार देना जिम्मेदारी का काम है। ऐसा करके टीबी रोगी को स्वस्थ किया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से भी अपील की कि 18 वर्ष से कम आयु के रोगी को गोद लें तथा उनकी देखभाल करें।
डॉ. सीएल कन्नौजिया ने बताया कि यह अभियान 12 जनवरी तक संचालित होगा। इसमें गठित टीमें घर-घर जाकर टीबी रोगी का पता लगाएंगी। इस दौरान डॉ. एके वर्मा तथा डॉ. रविंद्र कुमार वर्मा भी मौजूद रहे। डीएम ने आयुष्मान भारत योजना के तहत मड़वानगर में आयोजित गोल्डन कार्ड शिविर का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के समय दोपहर तक 21 गोल्डन कार्ड बनाए गए थे। यहां पर कुल 226 लाभार्थी हैं। इनमें से 43 का गोल्डन कार्ड पूर्व में बन चुका है।