बीएसए कार्यालय पर प्राथमिक शिक्षक संघ का धरना जारी।
प्राथमिक शिक्षक संघ के धरने के तीसरे दिन शिक्षकों ने कहा कि स्कूलों की जांच कर शिक्षकों को धरने में आने से रोकने की बीएसए की चाल को सफल नहीं होने दिया जाएगा। वक्ताओं की ओर से समय आने पर इसका जवाब बीएसए को देने की बात कही गई। इस दौरान शिक्षकों ने बीएसए के विरुद्घ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने कहा कि अगर स्कूलों की जांच के बहाने शिक्षकों का उत्पीड़न किया गया तो उसे कोई भी शिक्षक बर्दास्त नहीं करेगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि तीन साल की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति, वर्ष 2015 में जूनियर हाई स्कूल में पदोन्नति प्राप्त हेड मास्टर के वेतन निर्धारण सहित अन्य मांगों को लेकर शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं। वार्ता में आश्वासन देने के बावजूद अभी तक समस्याओं का निस्तारण नहीं किया गया। जिसे लेकर जिले भर के शिक्षकों में रोष है। लंबित मांगों के पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार पदोन्नति के लिए 15 जुलाई 2016 को वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने के बाद भी अभी तक पदोन्नति प्रक्रिया को नहीं निभाया गया। पदोन्नति के नाम धन उगाही की जा रही है। जिसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाल्मीकी सिंह ने कहा कि दो अगस्त 2016 को बीएसए से समझौता होने के बाद भी अभी तक निस्तारण नहीं किया गया। निस्तारण होने तक धरना जारी रहेगा। जिला उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र ने कहा कि एमडीएम के दूध एवं फल के नाम पर शिक्षकों का वेतन रोका जा रहा है, जबकि अधिकांश स्कूलों में एमडीएम का संचालन प्रधान कर रहे हैं। इस दौरान शैल शुक्ल, बब्न पांडेय, कुसुम लता श्रीवास्तवा, विजय चौधरी, चंद्रशेखर पांडेय, चंद्रकिरन पांडेय, अम्बिका, जय राम आदि मौजूद रहे।