बस्ती। जनगणना कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी अनियमित ढंग से लगाए जाने को लेकर शिक्षकों में नाराजगी देखने को मिली। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई तथा दूरस्थ क्षेत्रों में मनमाने तरीके से तैनाती कर दी गई।
शिक्षकों ने कहा कि यदि लगाई गई जनगणना ड्यूटी रद्द करके पुनः नए सिरे से उनके सुविधानुसार नहीं लगाई गई तो वह सभी जनगणना का सामूहिक बहिष्कार करेंगे। जिसको लेकर बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह और मंत्री बालकृष्ण ओझा के नेतृत्व में शिक्षक सदर तहसील में अधिकारियों और कर्मचारियों से मिले। जब अधिकारियों और कर्मचारियों ने शिक्षकों की बात नहीं मानी तो शिक्षक धरने पर बैठ गए। जिसके बाद अपर जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान के हस्तक्षेप के बाद सदर तहसील के अंतर्गत लगे सभी शिक्षकों की ड्यूटी तत्काल प्रभाव से रद्द की गई और नए सिरे से लगाने का निर्देश जारी किया गया तब जाकर शिक्षक शांत हुए।
ड्यूटी लगाने में पुनः कोई अनियमितता न होने पाए इसके लिए संबंधित ब्लाॅक के खंड शिक्षा अधिकारियों को भी लगाया गया है। जिलाध्यक्ष और जिला मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की उनके तैनाती स्थल से 40 किलोमीटर दूर ड्यूटी लगाई गई है जो कि बिल्कुल उचित नहीं है। कुदरहा के शिक्षको को ड्यूटी बनकटी, बनकटी के शिक्षको की ड्यूटी साऊघाट, साऊघाट की ड्यूटी बहादुरपुर में लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि जब जनगणना उस क्षेत्र में भी होनी है जहां पर उसकी तैनाती है तो क्यों न संबंधित शिक्षक की जनगणना ड्यूटी उसी क्षेत्र में लगा दी जाए जहां उसकी तैनाती है।
धरने में मुख्य रूप से सुधीर तिवारी, अशोक यादव,विजय यादव, राजीव सिंह, अनीश, असद जमाल, आशीष दुबे, संजय यादव, नीरजा चौधरी, साधना यादव, राजेश वर्मा, मुक्तेश्वर, अंतिका, शीला, अजय श्रीवास्तव, रुकनुद्दीन, सनद पटेल, डॉॅ. प्रमोद सिंह, अमित सिंह आदि शिक्षक मौजूद रहे।