जीजीआईसी में रजिस्ट्रर अपडेट करतीं शिक्षिकाएं।
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पहले दिन रजिस्टर अपडेट करने में जुटे रहे शिक्षक
90 दिन बाद खुले माध्यमिक विद्यालय, पहले हुआ सैनिटाइजेश
बस्ती। जिले में 90 दिनों से बंद चल रहे माध्यमिक स्कूल सोमवार को खुल गए। स्कूलों के कमरों, कुर्सी-मेज पर धूल जमी थी। परिसर में घास-फूस उग आए थे। स्कूल खुलने पर सैनिटाइज और साफ-सफाई कराने के बाद शिक्षकों ने रजिस्टर और फाइलों को अपडेट किया।
कोरोना महामारी के बाद शासन ने सभी स्कूलों को बंद करा दिया था। 22 मार्च को प्रधानमंत्री के आह्वान पर जनता कर्फ्यू लगा और फिर लॉकडाउन हो गया। 31 मई को लॉकडाउन खत्म हुआ तो शासन ने नए सत्र की तैयारी के लिए स्कूल खोलने के निर्देश जारी किए। जीजीआईसी में बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन होने के बाद विद्यालय खुला तो शिक्षिकाएं ने अपने-अपने रजिस्टरों को अपडेट करने में जुटी रहीं। जीआईसी में शारीरिक दूरी का पालन कर शिक्षकों ने फाइलों में डाटा तैयार किया। जीआरएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चे नहीं बुलाए गए हैं, लेकिन स्टाफ आए थे। शासन ने निर्देश दिए हैं कि स्कूल अनिवार्य रूप से खोले जाएं। शिक्षक अपने-अपने विषय की ऑनलाइन पढ़ाई कराएं। शिक्षक सुबह आठ से एक बजे तक विषयवार ऑडियो-वीडियो क्लिप बनाकर बच्चों को पढ़ाएंगे। जीजीआईसी की प्रधानाचार्या नीलम सिंह ने बताया कि कई छात्राओं के पास मोबाइल न होने के कारण वह ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं। उनसे कहा गया कि डीडी चैनल के माध्यम से पढ़ाई करें। दिक्कत हो तो फोन से पूछ सकती हैं।
अभिभावक सतीश कुमार ने बताया कि सरकार ने ऑनलाइन की व्यवस्था तो कर दी, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पास संसाधन न होने के कारण ऑनलाइन सही से नहीं पढ़ा पा रहे है। कभी वीडियो में आवाज नहीं होती तो कभी अपलोड नहीं होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेट की समस्या होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई फेल हो रही है।
वहीं निजी स्कूलों में शिक्षक ऑडियो-वीडियो के जरिए बच्चों की कक्षाएं ले रहे हैं। उर्मिला एजूकेशन स्कूल के बच्चे गूगल मीट के माध्यम जुड़े हैं। डीआईओएस डॉ. बृजभूषण मौर्या ने बताया कि लॉकडाउन के बाद स्कूल खुले हैं। शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। ऑनलाइन क्लास चलाने के लिए पहले से आदेशित किया जा चुका है। इसकी जांच के लिए टीम बनाई गई है।